अजमेर। राजस्थान के अजमेर शहर में भगवंत यूनिवर्सिटी में बी-फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे एक विदेशी छात्र की बिजली का झटका (इलेक्ट्रिक शॉक) लगने से दर्दनाक मौत हो गई है। यह हादसा बाथरूम में पानी गर्म करने के दौरान हुआ, जिसके बाद छात्र के साथी उसे बचाने के लिए कई अस्पतालों में भटकते रहे, लेकिन समय रहते इलाज नहीं मिल सका। मृतक छात्र सूडान (अफ्रीका) का निवासी था और उसका शव फिलहाल जेएलएन अस्पताल के मोर्चरी में रखा गया है।
मृतक छात्र की पहचान
मृतक छात्र का नाम मोहम्मद ईलमुतसिर (22 वर्ष) है, जो सूडान का निवासी था। वह भगवंत यूनिवर्सिटी में बी-फार्मेसी (B. Pharma) के सेकंड ईयर में अध्ययनरत था। वह अजमेर के राजकीय जनाना अस्पताल रोड स्थित अरावली होम्स-2 में फ्लैट नंबर 106 में रहता था।
हादसे का विवरण
बीती रात छात्र बाथरूम में बिजली की इमर्शन रॉड (रॉड हीटर) लगाकर पानी गर्म कर रहा था। संभवतः इस दौरान उसने गलती से हाथ पानी में डाल दिया या रॉड/पानी के संपर्क में आ गया, जिससे उसे जोरदार करंट का झटका लगा। छात्र की चीख-पुकार सुनकर उसके रूममेट्स और अन्य साथी छात्र तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने उसे गंभीर हालत में देखकर तत्काल मदद के लिए निकटवर्ती अस्पताल ले जाने का प्रयास किया।
अस्पतालों में भटकाव
सबसे पहले साथी छात्र उसे राजकीय जनाना अस्पताल ले गए, लेकिन वहां स्टाफ ने बताया कि यह महिला अस्पताल है, इसलिए उन्हें अन्य अस्पताल जाने की सलाह दी गई। इसके बाद वे पंचशील क्षेत्र स्थित क्षेत्रपाल हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया और जेएलएन अस्पताल रेफर कर दिया।
इस बीच छात्रों ने यूनिवर्सिटी के हॉस्टल वार्डन विनोद कंजानी को सूचना दी। वार्डन क्षेत्रपाल हॉस्पिटल से छात्र को लेकर जेएलएन अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस और पोस्टमॉर्टम की स्थिति
सूचना मिलते ही कृष्ण गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जानकारी सीआईडी और एसपी ऑफिस को दी। शव को फिलहाल जेएलएन अस्पताल के मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है। चूंकि छात्र विदेशी है, इसलिए पोस्टमॉर्टम परिजनों की सहमति या सूडान दूतावास (एंबेसी) के माध्यम से सहमति पत्र मिलने के बाद ही किया जाएगा। पुलिस इस संबंध में परिजनों और एंबेसी से संपर्क में है।
सुरक्षा पर सवाल
यह घटना निजी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है। कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हॉस्टल या फ्लैट में इमर्शन रॉड का इस्तेमाल आम है, लेकिन बिना उचित सुरक्षा उपायों (जैसे अर्थिंग, आरसीडी/एमसीबी) के यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। छात्रों के बीच शोक की लहर है और घटना की जांच जारी है।