पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी और खींचतान को खत्म करने के लिए पार्टी आलाकमान ने एक बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संगठन में फेरबदल करते हुए दिग्गज नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।

आखिर पंजाब में क्यों हुआ यह बदलाव?

पंजाब कांग्रेस के अंदरूनी हालात पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रहे हैं। दरअसल, राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और मौजूदा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के गुटों के बीच भारी मतभेद देखने को मिल रहा है। इस गुटबाजी को खत्म करने के लिए तत्कालीन प्रभारी भूपेश बघेल ने कई बार पंजाब का दौरा किया और दोनों नेताओं के साथ बैठकें भी कीं, लेकिन विवाद सुलझता हुआ नजर नहीं आया।

इसी गतिरोध के बीच शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की एक अहम बैठक हुई। इसके ठीक एक दिन बाद ही पार्टी ने भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपकर सभी को चौंका दिया।

खरगे ने किए संगठन में अन्य बड़े बदलाव

मल्लिकार्जुन खरगे ने तत्काल प्रभाव से कई राज्यों के एआईसीसी (AICC) महासचिवों और प्रभारियों की नई नियुक्तियां की हैं। इस बड़े फेरबदल के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • भूपेश बघेल: पंजाब से हटाकर अब इन्हें असम का प्रभारी महासचिव बनाया गया है।

  • रणदीप सिंह सुरजेवाला: इन्हें गुजरात का महासचिव प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वह कर्नाटक के प्रभारी की अपनी अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे।

  • सुखदेव भगत: इन्हें छत्तीसगढ़ राज्य का नया इंचार्ज बनाया गया है।

  • डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद: महाराष्ट्र के नए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।

  • पी. वी. मोहन: इन्हें आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।

ये नेता अपने पदों पर रहेंगे बरकरार

कांग्रेस पार्टी ने निवर्तमान प्रभारियों के काम की सराहना की है। इसके साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि पार्टी के दिग्गज नेता जितेंद्र सिंह, रमेश चेन्निथला, मणिकम टैगोर और मुकुल वासनिक एआईसीसी (AICC) महासचिव के रूप में अपने वर्तमान पदों पर काम करते रहेंगे।