टोंक जिले के टोडारायसिंह कस्बे में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक लेपर्ड आबादी वाले इलाके में घुसकर शराब की दुकान तक पहुंच गया। लेपर्ड ने तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। जान बचाने के लिए लोग सड़कों पर दौड़ पड़े, जबकि सेल्समैन ने सूझबूझ दिखाते हुए लेपर्ड को दुकान के अंदर बंद कर दिया। करीब पांच घंटे तक पूरे इलाके में दहशत का माहौल रहा। आखिरकार जयपुर से पहुंची वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने लेपर्ड को सुरक्षित पकड़ लिया।

 सुबह करीब 8:45 बजे स्थानीय वन मित्र राकेश को सूचना मिली कि कस्बे की झाड़ियों में एक लेपर्ड दिखाई दिया है। सूचना मिलने पर राकेश मौके पर पहुंचे, लेकिन जैसे ही वह झाड़ियों के पास पहुंचे, लेपर्ड ने उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद लेपर्ड करीब 400 मीटर दूर स्थित एक शराब की दुकान की ओर भाग गया।

दुकान के बाहर बैठे फतेह लाल कोली (40) पर भी लेपर्ड ने हमला कर दिया। इसके बाद वह सीधे शराब की दुकान के अंदर घुस गया, जहां मौजूद सेल्समैन संजय गुर्जर (25) पर भी उसने हमला कर दिया। संजय ने किसी तरह अपनी जान बचाई और सूझबूझ का परिचय देते हुए लेपर्ड को दुकान के अंदर बंद कर दिया। इसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जयपुर से विशेष रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया। करीब दोपहर 2 बजे टीम ने सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन चलाकर लेपर्ड का रेस्क्यू किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के इंतजाम किए गए और लोगों को दुकान व आसपास के इलाके से दूर रहने की सलाह दी गई।

हमले में घायल हुए तीनों लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। वन मित्र राकेश को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि संजय गुर्जर और फतेह लाल कोली की गंभीर चोटों को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लेपर्ड के आबादी वाले क्षेत्र में आने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आशंका है कि भोजन या पानी की तलाश में वह जंगल से भटककर कस्बे में पहुंच गया। विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी जंगली जानवर की मौजूदगी दिखाई दे तो उसके पास जाने की कोशिश न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।