खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। औद्योगिक क्षेत्र स्थित जैगवार कंपनी के निर्माणाधीन प्लांट में पानी की टंकी की दीवार ढहने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे भिवाड़ी के पुराना समतल रोड औद्योगिक क्षेत्र में हुआ। निर्माणाधीन प्लांट में काम कर रहे मजदूरों के बच्चे पानी की टंकी के पास नहा रहे थे। इसी दौरान अचानक टंकी की दीवार भरभराकर गिर गई और बच्चे मलबे के नीचे दब गए।
हादसे में चार वर्षीय मीनू पुत्री हेमंत शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके भाई ज्योतिष (8) और शिवम (12) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए दिल्ली एम्स रेफर किया गया था। देर रात उपचार के दौरान दोनों बच्चों ने भी दम तोड़ दिया।
भिवाड़ी थाना अधिकारी सचिन शर्मा ने बताया कि टंकी का निर्माण करीब पांच दिन पहले ही किया गया था। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में घायल श्रीमणि (40), जीतू (25) और बच्चों की मां अरुणा (40) का भिवाड़ी के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
मृतक बच्चों का परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है, जबकि घायल महिला श्रीमणि पश्चिम बंगाल की निवासी है। सभी मजदूर पिछले करीब दो वर्षों से भिवाड़ी में रहकर निर्माण कार्य में लगे हुए थे।
मजदूरों ने लगाए लापरवाही के आरोप
निर्माण स्थल पर मौजूद मजदूरों ने कंपनी और निर्माण एजेंसी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि टंकी की दीवार पूरी तरह मजबूत नहीं हुई थी, इसके बावजूद उसमें क्षमता से अधिक पानी भर दिया गया। मजदूरों के अनुसार टंकी की वास्तविक क्षमता लगभग 2000 लीटर थी, लेकिन उसमें 5 से 6 हजार लीटर पानी भर दिया गया, जिससे दीवार दबाव नहीं सह सकी और ढह गई।
जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और मजदूर संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भिवाड़ी डीएसपी प्रदीप नेहरा ने बताया कि फिलहाल पुलिस को कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि जैगवार प्राइवेट लिमिटेड के इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य भिवाड़ी की हाईटेक कंपोनेंट बिल्डर कंपनी द्वारा किया जा रहा था। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।