राजस्थान के उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए अपहरण और दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने आरोपी को सख्त सजा सुनाई है। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी हाजाराम को दोषी करार देते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कुल 20 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 1.55 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए 5 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।

घटना का विवरण

मामला नवंबर 2024 का है। पीड़िता की उम्र मात्र 17 साल थी और वह स्कूल जाने वाली छात्रा थी। परिजनों के अनुसार, 16 नवंबर 2024 को लड़की स्कूल पढ़ने के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम तक घर वापस नहीं लौटी। जब परिजनों ने स्कूल से संपर्क किया तो पता चला कि वह 14 नवंबर से ही स्कूल नहीं आ रही थी।

परेशान परिजनों ने 20 नवंबर 2024 को ऋषभदेव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और गहन पड़ताल के बाद पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया। जांच के दौरान आरोपी हाजाराम को गिरफ्तार कर लिया गया।

पीड़िता का बयान और अपराध का तरीका

पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी हाजाराम ने उसका अपहरण कर लिया और उसे जंगल में ले गया। वहां से शाम को आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां उसने पीड़िता के साथ जबरन बलात्कार किया। पीड़िता ने किसी तरह अपनी जान बचाकर आरोपी के चंगुल से छुटकारा पाया और घर पहुंची।

कोर्ट में सुनवाई और सबूत

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक पुनमचंद मीणा ने मजबूत पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष ने कुल 14 गवाहों के बयान और 40 दस्तावेजों को कोर्ट में पेश किया। दोनों पक्षों की विस्तृत बहस के बाद उदयपुर की पॉक्सो-1 कोर्ट के जज अरुण जैन ने आरोपी हाजाराम को दोषी घोषित किया।कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए सख्त सजा जरूरी है। आरोपी को बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया। सजा में कड़ी कैद के अलावा जुर्माना और पीड़िता के लिए मुआवजा भी शामिल किया गया है।