भारतीय थिएटर और सिनेमा जगत की दिग्गज निर्देशक विजया मेहता का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय रंगमंच और फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है। दशकों तक अपने निर्देशन, प्रयोगधर्मी सोच और रंगमंच को नई दिशा देने वाली विजया मेहता को भारतीय थिएटर की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिना जाता था।

विजया मेहता ने अपने लंबे करियर में थिएटर और फिल्मों के माध्यम से भारतीय कला और संस्कृति को नई पहचान दिलाई। उन्होंने कई यादगार नाटकों और फिल्मों का निर्देशन किया तथा अनेक कलाकारों को मंच पर अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर दिया। उनके काम की सराहना केवल भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी की गई।

उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म और थिएटर जगत की कई हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया। अभिनेता अनुपम खेर सहित कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। कलाकारों ने कहा कि विजया मेहता का जाना भारतीय रंगमंच के लिए एक अपूरणीय क्षति है और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

विजया मेहता ने अपने करियर में आधुनिक भारतीय थिएटर को नई सोच और नई शैली दी। उनके निर्देशन में प्रस्तुत कई नाटक आज भी भारतीय रंगमंच के इतिहास में मील का पत्थर माने जाते हैं। उन्होंने पारंपरिक और आधुनिक रंगमंच के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया और अपने प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण से थिएटर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उनके योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और प्रतिष्ठित सम्मानों से भी सम्मानित किया गया। कला जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि विजया मेहता ने भारतीय थिएटर को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका निधन भारतीय संस्कृति और कला जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।

विजया मेहता की यादें, उनका सृजन और भारतीय थिएटर के प्रति उनका समर्पण हमेशा जीवित रहेगा। उनके निधन पर देशभर के कलाकार, साहित्यकार और उनके प्रशंसक उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।