राजधानी जयपुर में मध्यप्रदेश के एक युवक की गला रेतकर हत्या करने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी मोनू जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मृतक की पत्नी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि 12 जून को मांगीलाल जाटव ने शिप्रापथ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि उसका भतीजा महेश जाटव (30), जो जयपुर के त्रिवेणी नगर क्षेत्र में मजदूरी करता था, को मोनू चौधरी शराब पिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। बाद में उसका शव त्रिवेणी पुलिया के नीचे लहूलुहान हालत में मिला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन पुलिस ने करीब 50 किलोमीटर तक पीछा कर उसे टोंक रोड स्थित रिंग रोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी और आरोपी मोनू जाटव के बीच पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध थे। महेश को जब इस रिश्ते की जानकारी मिली तो उसने पत्नी को मोनू से संपर्क रखने से मना कर दिया और उसका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक करवा दिया। इसके बाद दोनों ने महेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार, मोनू ने पहले महेश से दोस्ती बढ़ाई और उसके साथ नियमित रूप से शराब पीने लगा। 11 जून की रात वह महेश को शराब पिलाकर त्रिवेणी पुलिया के नीचे ले गया, जहां नशे की हालत में धारदार हथियार से उसका गला रेतकर हत्या कर दी।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने इंस्टाग्राम कॉल के जरिए मृतक की पत्नी को हत्या की जानकारी दी और मौके से फरार हो गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने मृतक की पत्नी के कहने पर हत्या की थी।

पुलिस ने बताया कि मामले में मृतक की पत्नी की भूमिका भी सामने आई है। उसे भी आरोपी बनाते हुए आगे की जांच की जा रही है। इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करने में साइबर सेल और शिप्रापथ थाना पुलिस की टीम की अहम भूमिका रही।