सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पुलिस वर्दी पहने व्यक्तियों और विभिन्न इन्फ्लुएंसर्स के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि "2025 में महिलाओं ने गूगल पर 16.5 करोड़ बार सर्च किया है कि मर्द को बिना सबूत के कैसे मारें"। इस सनसनीखेज दावे का फैक्ट चेक किया गया।
दावा क्या है?
"गूगल पर 16.5 करोड़ (165 मिलियन) बार महिलाओं ने 'मर्द को बिना सबूत कैसे मारें' सर्च किया है।"
सच्चाई क्या है?
दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। गूगल ऐसा कोई विशिष्ट या सटीक सर्च डेटा सार्वजनिक (Public) नहीं करता है जिससे यह पता चल सके कि किसी एक वाक्य को कितनी बार सर्च किया गया या इसे किस जेंडर (पुरुष या महिला) ने सर्च किया है।
फैक्ट चेक के मुख्य बिंदु
गूगल डेटा प्राइवेसी: गूगल केवल 'Google Trends' के जरिए सर्च के रिलेटिव ट्रेंड्स (तुलनात्मक रुझान) दिखाता है। गूगल कभी भी ऐसा व्यक्तिगत डेटा सार्वजनिक नहीं करता कि किस जेंडर ने क्या सर्च किया है।
सुरक्षा और कंटेंट फिल्टर: हत्या, अपराध या हिंसा से जुड़े सर्च वाक्यों पर गूगल के कड़े सुरक्षा एल्गोरिदम और नीतियां काम करती हैं। ऐसी संवेदनशील और अवैध खोजों को गूगल प्रमोट करने के बजाय रिस्ट्रिक्ट करता है।
बिना किसी प्रमाण का आंकड़ा: 16.5 करोड़ का यह आंकड़ा किसी भी आधिकारिक रिपोर्ट, आईटी सेल या गूगल की आधिकारिक जानकारी से मेल नहीं खाता; यह सिर्फ सोशल मीडिया एंगेजमेंट और क्लिकबेट पाने के लिए हवा में गढ़ा गया नंबर है।
जागरूकता संदेश
सोशल मीडिया पर सिर्फ वर्दी, सनसनीखेज हेडलाइन या ग्राफिक्स देखकर किसी भी बात पर भरोसा न करें। ऐसे झूठे और भ्रामक आंकड़े समाज में अविश्वास और जेंडर के आधार पर नफरत फैलाते हैं। किसी भी वायरल दावे को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।