जयपुर: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की चैंपियन टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के तेज गेंदबाज यश दयाल को राजस्थान हाईकोर्ट से एक महत्वपूर्ण अंतरिम राहत मिली है। रेप के गंभीर आरोपों वाले इस मामले में हाईकोर्ट ने क्रिकेटर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने यश दयाल को 30 जनवरी तक जांच अधिकारी (IO) के सामने सांगानेर थाना, जयपुर में पेश होने का निर्देश दिया है।

यह फैसला जस्टिस गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की जांच डायरी और जांच अधिकारी को बुलाया था। यश दयाल के वकील चंद्रशेखर शर्मा ने कोर्ट को अवगत कराया कि पिछली सुनवाई में जांच अधिकारी को तलब किया गया था और आज वे कोर्ट में मौजूद थे। जांच अधिकारी ने बताया कि मामला दो साल की देरी से दर्ज कराया गया है। यश दयाल की ओर से कहा गया कि वे जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। इस आधार पर कोर्ट ने गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी।

मामले की पृष्ठभूमि

यश दयाल पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का आरोप है। पीड़िता ने जयपुर के सांगानेर सदर थाने में मामला दर्ज कराया था। इससे पहले पोक्सो (POCSO) कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट का रुख किया। आरोपों के अनुसार, पीड़िता ने दावा किया है कि यश दयाल ने उसे क्रिकेट करियर में मदद का लालच देकर शोषण किया और विभिन्न स्थानों पर दुष्कर्म किया, जिसमें कानपुर और जयपुर के होटल शामिल हैं।

सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियां और वकीलों के तर्क

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पीड़िता के वकील दिवेश शर्मा से मौखिक टिप्पणी करते हुए सवाल किया, "आप छोटे बच्चे थे क्या? आप क्रिकेटर से प्रभावित (इंफ्लूएंस) क्यों हुए? वो आपका कोच भी नहीं था, फिर आप उससे मिलने अलग-अलग शहरों में क्यों गईं?"पीड़िता के वकील ने जवाब दिया कि आरोपी (यश दयाल) उनका सीनियर था और उसने ही पीड़िता का क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन कराया था। उन्होंने कहा कि पीड़िता प्रभावित नहीं थी, बल्कि आरोपी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर दबाव बनाया।

यश दयाल के वकील ने कोर्ट को बताया कि क्रिकेटर ने पीड़िता से हमेशा सार्वजनिक जगहों पर और टीम के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में मुलाकात की। वे कभी अकेले या एकांत जगह पर नहीं मिले। मुलाकात के दौरान पीड़िता ने कभी अपनी उम्र 18 साल से कम होने की बात नहीं बताई। FIR में भी यह नहीं कहा गया कि रेप की घटना के समय उसकी उम्र कम थी।वकील ने आगे तर्क दिया कि यदि कानपुर में रेप हुआ तो पीड़िता उसके बाद भी अलग-अलग शहरों में आरोपी से क्यों मिलती रही? इस बारे में पीड़िता ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। साथ ही, उत्तर प्रदेश में दर्ज रेप मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के मात्र 8 दिन बाद ही जयपुर में नया मामला दर्ज करवा दिया गया।

आगे की कार्यवाही

अब यश दयाल को 30 जनवरी तक जयपुर के सांगानेर थाने में जांच अधिकारी के समक्ष पेश होना होगा। कोर्ट ने जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। यह अंतरिम राहत है, जिसका मतलब है कि अंतिम फैसला अग्रिम जमानत याचिका पर बाद में आएगा। फिलहाल क्रिकेटर को गिरफ्तारी से सुरक्षा मिल गई है।