लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग एवं एनीमेशन सेंटर में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। हादसे के अगले दिन मंगलवार सुबह विशेष जांच दल (SIT) और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। SIT में एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार और अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में आग लगी, वहां फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इमरजेंसी एग्जिट का अभाव था और छत का दरवाजा भी बंद मिला, जिसके कारण कई लोग धुएं और आग के बीच फंस गए। दमकल और राहत टीमों को रेस्क्यू के लिए दीवारें तोड़नी पड़ीं।

पुलिस ने इस मामले में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वहीं, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और 16 अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि जिस इमारत में हादसा हुआ, उसे वर्ष 2016 में अवैध निर्माण मानते हुए गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन बाद में यह आदेश निरस्त कर दिया गया। अब LDA ने बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है और अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और हरियाणा के निवासी शामिल हैं। अधिकांश मृतकों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच बताई गई है। मृतकों के शवों का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। कई परिवारों में मातम का माहौल है और परिजनों ने हादसे के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे एसी में ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट के बाद आग लगी, जिसने कुछ ही देर में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके। कुछ लोगों ने तारों के सहारे नीचे उतरकर और ऊंचाई से कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि कई लोग अंदर ही फंस गए।

फिलहाल SIT, फोरेंसिक टीम और अन्य जांच एजेंसियां घटना के हर पहलू की जांच कर रही हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।