"बाड़मेर में दर्दनाक हादसा: बिजली के करंट से दो मजदूरों की मौत, एक गंभीर रूप से झुलसा"
बाड़मेर जिले में दर्दनाक हादसा: बिजली के करंट से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत, तीसरा साथी गंभीर रूप से झुलसा
बाड़मेर, 12 अक्टूबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक निर्माण स्थल पर आज सुबह एक भयावह दुर्घटना ने दो परिवारों को शोक की चादर ओढ़ा दी। आरसीसी स्लैब की लिफ्टिंग के दौरान लोहे के एंगल के बिजली के तारों से छू जाने से दो युवा मजदूरों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि उनके साथ खड़ा एक अन्य मजदूर बुरी तरह झुलस गया। यह हादसा जिले के सांजटा क्षेत्र के एक निजी निर्माण स्थल पर घटित हुआ, जहां मजदूर दिन-रात मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले थे।
घटना का विवरण: एक छोटी चूक, भारी कीमतसूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे निर्माणाधीन एक बहुमंजिला भवन पर काम चल रहा था। मजदूरों की टीम आरसीसी (रिइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) स्लैब को ऊंचाई पर स्थापित करने के लिए भारी लोहे के एंगल का उपयोग कर रही थी। अचानक, एक एंगल हवा में झूलते हुए ऊपर लटके हुए हाई-वोल्टेज बिजली के तारों से टकरा गया। इससे तुरंत करंट का तेज झटका मजदूरों को लगा, और वे चीखते हुए जमीन पर गिर पड़े।मृतक मजदूरों में से एक 30 वर्षीय श्रवण कुमार पुत्र रामलाल, इसका चचेरा भाई कमलेश उर्फ तोगाराम(20) पुत्र पोकराराम सुजाना राम पुत्र कानाराम को ठेकेदार थाना राम साजटा लेकर गया था। वह लोग बुरी तरह झुलस गए थे और बेहोशी की हालत में स्थानीय लोगों ने उनको तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि इनकी हालत नाजुक बनी हुई है, और उसे जल्द ही जोधपुर के एमडीएम अस्पताल रेफर किया जा सकता हैं।
त्वरित बचाव प्रयास: ग्रामीणों की जानबूझकर की गई मददघटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और अन्य मजदूर दौड़ पड़े। उन्होंने प्लास्टिक की पाइप और लकड़ी के सहारे से शवों को तारों से अलग किया, क्योंकि सीधे छूना जानलेवा साबित हो सकता था। स्थानीय पुलिस ने भी पांच मिनट के अंदर मौके पर पहुंचकर इलाके को सील कर दिया और बिजली विभाग को सूचित किया। बिजली के तारों को तुरंत डिस्कनेक्ट करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा हेलमेट और इंसुलेटेड दस्ताने उपलब्ध थे, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो रहा था।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया: जांच और सहायता की घोषणा
हमारी टीम पूर्ण निष्पक्ष जांच कर रही है। निर्माण कंपनी के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया जाएगा, और मजदूरों के परिवारों को मुआवजे के लिए सिफारिश की जाएगी।"साथ ही, निर्माण स्थलों पर बिजली सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं।
व्यापक संदर्भ: निर्माण क्षेत्र में बढ़ते खतरेयह हादसा राजस्थान के निर्माण उद्योग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है। पिछले एक वर्ष में बाड़मेर-जोधपुर क्षेत्र में ही करंट लगने से कम से कम आठ मजदूरों की मौत हो चुकी है। ऊंचाई वाले कामों के दौरान इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्शन अनिवार्य होना चाहिए। मजदूर संगठनों ने मांग की है कि राज्य सरकार मजदूरी कानूनों को सख्ती से लागू करे, ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
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