Bengaluru Fake Tantrik Fraud: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से अंधविश्वास और ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ढोंगी तांत्रिक ने बेटी की वैवाहिक परेशानियां दूर करने का झांसा देकर 37 वर्षीय महिला से 43 ग्राम सोना और 1.3 लाख रुपये नकद ठग लिए। आरोपी ने 'विशेष पूजा' के नाम पर ऐसा भय पैदा किया कि महिला दो दिन तक उस पोटली को छूने की हिम्मत नहीं जुटा सकी, जिसमें उसके गहने और नकदी रखे गए थे।

पड़ोसी के जरिए हुई तांत्रिक से मुलाकात

पुलिस के अनुसार, महिला की छोटी बेटी के ससुराल में विवाद चल रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थी। इसी दौरान एक पड़ोसी ने उसकी मुलाकात 'शिवकाली उर्फ नितिन' नाम के कथित तांत्रिक से करवाई। पड़ोसी ने दावा किया कि नितिन तंत्र-मंत्र के जरिए पारिवारिक समस्याओं का समाधान कर सकता है।

'काला जादू' का डर दिखाकर रची साजिश

आरोपी ने महिला को विश्वास दिलाया कि उसकी बेटी पर काला जादू किया गया है और उसकी जान खतरे में है। उसने इस संकट को दूर करने के लिए घर पर विशेष पूजा करने की बात कही और शर्त रखी कि पूजा के दौरान घर में कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद नहीं रहेगा।

पूजा के नाम पर मंगवाए गहने और नकदी

26 जून की शाम आरोपी महिला के घर पहुंचा और नींबू, राख, हल्दी तथा मेथी के दानों से पूजा का नाटक करने लगा। कुछ देर बाद उसने महिला से कहा कि पूजा सफल बनाने के लिए घर में रखा सारा सोना और नकदी पूजा स्थल पर रखनी होगी। महिला ने भरोसा करते हुए 43 ग्राम सोने के गहने और घर की मरम्मत के लिए रखे 1.3 लाख रुपये एक कपड़े की पोटली में रख दिए।

'खून की उल्टी' का डर दिखाकर हुआ फरार

पूजा के दौरान आरोपी ने महिला पर राख फेंकी, उसका सिर झुकाया और पीठ पर वार किया। इसके बाद उसने धमकी दी कि यदि दो दिन से पहले पोटली खोली या छुई तो उसे खून की उल्टी होगी और उसकी मौत हो जाएगी। डर के कारण महिला ने दो दिन तक पोटली को हाथ नहीं लगाया। जब उसने पोटली खोली तो उसमें रखे सभी गहने और नकदी गायब थे।

पुलिस ने शुरू की आरोपी की तलाश

ठगी का पता चलते ही महिला ने बेंगलुरु के बागलकुंटे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी शिवकाली उर्फ नितिन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर अंधविश्वास का शिकार न बनें और ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को सूचना दें।