अलवर/जोधपुर: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित इटारणा मिलिट्री कैंटोनमेंट से सुरक्षा एजेंसियों ने एक 20 वर्षीय युवक को जासूसी के संदेह में हिरासत में लिया है। आरोपी की पहचान जोधपुर निवासी कुंदन बिश्नोई के रूप में बताई जा रही है। एजेंसियां अब इस मामले में यह जांच कर रही हैं कि क्या आरोपी ने किसी विदेशी हैंडलर के संपर्क में रहकर सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा की थीं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कैंटोनमेंट परिसर में युवक की संदिग्ध गतिविधियों के बाद सेना के जवानों को उस पर शक हुआ। बताया जा रहा है कि रविवार रात जवानों ने उसे कैंट क्षेत्र के अंदर एक छात्रा से बातचीत करते देखा, जिसके बाद उससे पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि युवक एक परिचित के माध्यम से कैंट इलाके तक पहुंचा था।

सोशल मीडिया कनेक्शन की जांच

सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल फोन और संपर्कों की जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कैंट क्षेत्र से जुड़े लोगों के संपर्क में आया था। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संपर्क केवल निजी बातचीत तक सीमित थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सूचना लीक का शक

जांच एजेंसियों को आशंका है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना से जुड़ी किसी संवेदनशील जानकारी को हासिल करने या साझा करने की कोशिश की गई हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।

कई पहलुओं पर हो रही पूछताछ

आरोपी से पूछताछ में उसके कैंटोनमेंट में आने-जाने, संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि क्या वह अकेले काम कर रहा था या किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा था।

सेना और जांच एजेंसियां मामले को गंभीर सुरक्षा मुद्दे के रूप में देख रही हैं। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।