अलवर, 26 फरवरी 2026: राजस्थान के अलवर शहर में जिला अस्पताल के ठीक सामने बुधवार देर रात एक शर्मनाक और कानून-व्यवस्था की चुनौती देने वाली घटना सामने आई। अलग-अलग कारों से आए युवकों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे बरसाए। इस दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मारपीट का पूरा दृश्य साफ दिखाई दे रहा है।

घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, बुधवार की देर रात (संभवतः रात 9-10 बजे के आसपास या उसके बाद) अलवर जिला अस्पताल (जिसे स्थानीय रूप से टीबी अस्पताल के नाम से भी जाना जाता है) के बाहर कुछ युवक अलग-अलग कारों से पहुंचे। जैसे ही वे कार से उतरे, कुछ ही मिनटों में मामला हाथापाई में बदल गया। युवकों ने एक-दूसरे पर बेरहमी से लात-घूंसे चलाए। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक की शर्ट फट गई, जबकि दूसरा युवक अर्द्धनग्न (आधा नंगा) होकर हमला करता नजर आ रहा है।

मारपीट इतनी जोरदार थी कि देखते ही देखते आसपास खड़े 15 से 20 लोगों की भीड़ जमा हो गई। काफी देर तक दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और मारपीट जारी रही। पूरा इलाका हाईवोल्टेज ड्रामा का गवाह बना, लेकिन दुर्भाग्य से अस्पताल के अंदर मौजूद पुलिस चौकी से कोई भी पुलिसकर्मी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा।

पुलिस चौकी होने के बावजूद लापरवाही

यह इलाका अलवर शहर का प्रमुख गौरव पथ है, जहां जिला अस्पताल स्थित है। अस्पताल परिसर में ही पुलिस चौकी संचालित है, फिर भी आए दिन यहां ऐसे हुड़दंग की घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवकों में पुलिस का कोई खौफ नहीं दिखता और न ही पुलिस की ओर से कोई सख्ती दिखाई देती है। इस घटना के बाद दोनों पक्ष के युवक मौके से फरार हो गए। पुलिस को न तो घटना की सूचना मिली और न ही किसी की पहचान हो पाई।

पुलिस का बयान

कोतवाली थाना प्रभारी रमेश चंद ने बताया कि पुलिस इस मामले में आरोपियों की तलाश कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही है ताकि युवकों की पहचान हो सके और जल्द से जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। हालांकि, घटना के तुरंत बाद पुलिस के न पहुंचने पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

यह घटना शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर, जहां मरीज और उनके परिजन आते-जाते रहते हैं, ऐसे हुड़दंग से लोगों में डर का माहौल है। कई लोग इसे पुलिस की नाकामी मान रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।