अलवर। राजस्थान के अलवर शहर में गुरुवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। कोतवाली थाना क्षेत्र के खदाना मोहल्ले में बदमाशों ने 80 वर्षीय व्यापारी दिनेश चंद अग्रवाल की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी। बदमाशों ने पहले बुजुर्ग के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, ताकि वे शोर न मचा सकें। इसके बाद घर में रखी अलमारियां खंगालकर करीब डेढ़ से दो लाख रुपए नकद लूटकर फरार हो गए।
घटना का पता उस समय चला जब बुजुर्ग रोज की तरह रात का खाना खाने अपने बेटे के घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद बेटा घर पहुंचा तो पिता का शव चारपाई पर पड़ा मिला।
पुलिस के अनुसार मृतक दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले में अकेले रहते थे। उनके बेटे विकास अग्रवाल मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (एमआर) हैं और परिवार के साथ स्कीम नंबर-4 में रहते हैं। दिनेश चंद अग्रवाल नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के मामा तथा पूर्व सीएमएचओ डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे।
खाना खाने नहीं पहुंचे तो हुआ शक
मृतक की बहू रीमा अग्रवाल ने बताया कि उनके ससुर रोज रात का खाना खाने स्कीम नंबर-4 स्थित उनके घर आते थे। गुरुवार शाम जब वे नहीं पहुंचे तो विकास अग्रवाल ने उन्हें फोन किया, लेकिन लैंडलाइन बंद मिला। इसके बाद विकास तुरंत खदाना मोहल्ले स्थित मकान पहुंचे।
घर का मुख्य गेट अंदर से बंद था। दूसरी चाबी की मदद से गेट खोला गया। अंदर पहुंचते ही कमरे में चारपाई पर दिनेश चंद अग्रवाल का शव पड़ा मिला। उनके हाथ-पैर कपड़ों से बंधे हुए थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सामान बिखरा पड़ा था।
घर से डेढ़-दो लाख रुपए नकद गायब
बेटे विकास अग्रवाल ने बताया कि बुधवार रात करीब 10 बजे वे पिता को घर छोड़कर आए थे। पिता दिन में खुद खाना बनाकर खाते थे, जबकि रात का भोजन उनके घर पर करते थे। उन्होंने बताया कि घर से करीब डेढ़ से दो लाख रुपए नकद गायब हैं।
परिजनों के अनुसार दिनेश चंद अग्रवाल नए नोटों की गड्डियां और खुले रुपए उपलब्ध कराने का छोटा कारोबार करते थे। इसी वजह से उनके पास अक्सर एक से दो लाख रुपए नकद रहते थे।
कैश की जानकारी होने का शक
नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल ने बताया कि उनके मामा बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे और बुढ़ापे में भी खुद अपने सभी काम करते थे। वे बैंक से नए नोट लाकर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराते थे। उनके पास हमेशा नकदी रहती थी। आशंका है कि किसी परिचित या बदमाश को इसकी जानकारी थी और रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया।
एफएसएल टीम ने जुटाए सबूत
सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार, कोतवाली थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि हत्या और लूट के इस मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है।