बाड़मेर जिले में एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया है। इस मामले से जुड़ी तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर विवाद तेज हो रहा है। बायतु विधायक और मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया है कि गैंगरेप करने वाले दरिंदों को राजनैतिक संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि इन्हीं आरोपियों ने धार्मिक स्थल की दीवार तोड़ी है और पुलिस-प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

घटना का विवरण

बाड़मेर के एक गांव (भूनिया/उतरबा क्षेत्र से संबंधित) में 27 फरवरी को दर्ज एक मामले में नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप का आरोप है। विधायक के अनुसार, एफआईआर में शुरू में केवल दो लोगों के नाम थे, लेकिन बाद की जांच और नाबालिग के बयान में कई और आरोपी सामने आए हैं। इनमें से कुछ पर धार्मिक स्थल और आसपास के कच्चे घरों (ढाणियों) को तोड़ने का भी आरोप है।

बीते तीन दिनों से रामनवमी के दौरान पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर गांव में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। कुछ रिपोर्ट्स में जेसीबी मशीनों से धार्मिक स्थल और कच्चे मकानों में तोड़फोड़ की बात कही गई है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। दो ट्रैक्टर जब्त किए गए और कुछ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

हरीश चौधरी का बयान

सोमवार को मीडिया से बातचीत में हरीश चौधरी ने कहा:गैंगरेप मामले में केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई।इन्हीं आरोपियों ने संगठित तरीके से धार्मिक स्थल की दीवार तोड़ी और आसपास की ढाणियों को ध्वस्त किया।रामनवमी पर पत्थरबाजी की जो घटना बताई जा रही है, वैसी कोई घटना हुई ही नहीं। उन्होंने स्वयं सैकड़ों लोगों से बात की और पूर्व विधायक ने भी गांव जाकर जानकारी जुटाई। यहां तक कि भाजपा से जुड़े लोगों ने भी उन्हें बताया कि ऐसी कोई पत्थरबाजी नहीं हुई।गांव और आसपास के इलाकों में संगठित गिरोह के जरिए अपराध हो रहा है। जो लोग अपराध रोकने की जिम्मेदारी रखते हैं, वही आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं।राजनीतिक दल जाति और धर्म के नाम पर संगठित गिरोह बनवा रहे हैं और राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं। यह स्थानीय लोगों को कभी मंजूर नहीं होना चाहिए।

विधायक ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से मुलाकात कर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस और प्रशासन कार्रवाई नहीं करता तो वे संविधान के दायरे में रहकर सभी अधिकारों का उपयोग करेंगे।

हरीश चौधरी के मुख्य आरोप

आरोपियों को राजनैतिक संरक्षण मिला हुआ है।गैंगरेप और तोड़फोड़ एक ही संगठित गिरोह का हिस्सा है।रामनवमी पत्थरबाजी का मामला फर्जी या अतिरंजित बताया जा रहा है।जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश हो रही है, जबकि पीढ़ियों से विभिन्न जातियां यहां साथ रह रही हैं।

वर्तमान स्थिति

पुलिस ने धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ के मामले में एफआईआर दर्ज की है और जांच जारी है। DSP मौके पर पहुंचे थे और पुलिस बल तैनात किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की सच्चाई का पता लगाने की मांग तेज हो गई है।