बाड़मेर में नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप और धार्मिक स्थल तोड़फोड़ का मामला: बायतु विधायक हरीश चौधरी ने आरोपियों को राजनैतिक संरक्षण का आरोप लगाया
बाड़मेर के भूणिया गांव में नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप और धार्मिक स्थल (मस्जिद) की दीवार तोड़फोड़ के मामले में बायतु विधायक हरीश चौधरी ने आरोपियों को राजनैतिक संरक्षण मिलने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गैंगरेप के आरोपियों ने ही संगठित तरीके से धार्मिक स्थल और कच्चे घरों में तोड़फोड़ की, जबकि रामनवमी पर पत्थरबाजी की घटना फर्जी बताई जा रही है। विधायक ने केवल दो गिरफ्तारियों पर सवाल उठाते हुए शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर कार्रवाई की अपील की और चेतावनी दी कि अगर प्रशासन नहीं करेगा तो संवैधानिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा।
बाड़मेर जिले में एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया है। इस मामले से जुड़ी तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर विवाद तेज हो रहा है। बायतु विधायक और मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया है कि गैंगरेप करने वाले दरिंदों को राजनैतिक संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि इन्हीं आरोपियों ने धार्मिक स्थल की दीवार तोड़ी है और पुलिस-प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
घटना का विवरण
बाड़मेर के एक गांव (भूनिया/उतरबा क्षेत्र से संबंधित) में 27 फरवरी को दर्ज एक मामले में नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप का आरोप है। विधायक के अनुसार, एफआईआर में शुरू में केवल दो लोगों के नाम थे, लेकिन बाद की जांच और नाबालिग के बयान में कई और आरोपी सामने आए हैं। इनमें से कुछ पर धार्मिक स्थल और आसपास के कच्चे घरों (ढाणियों) को तोड़ने का भी आरोप है।