ओडिशा में स्कूली शिक्षा सामग्री की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। इस बार मामला कक्षा 5 की अंग्रेजी किताब से जुड़ा है, जिसमें गलती से बॉलीवुड फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ का मशहूर गाना ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ के बोल छप गए हैं। यह गाना अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन पर फिल्माया गया था और 1999 में रिलीज हुई इस फिल्म का सुपरहिट गीत माना जाता है।

कैसे सामने आया मामला?

यह गलती तब उजागर हुई जब नई किताबों के कुछ पन्नों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। तस्वीरों में साफ देखा गया कि कक्षा 5 के अंग्रेजी पाठ्यक्रम की किताब में शैक्षणिक सामग्री के बजाय फिल्मी गीत के बोल शामिल हैं। इसके बाद अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नाराजगी फैल गई और शिक्षा विभाग पर सवाल उठने लगे।

प्रूफरीडिंग और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

इस घटना ने राज्य की शिक्षा प्रणाली में एडिटिंग, प्रूफरीडिंग और क्वालिटी कंट्रोल प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि प्राथमिक स्तर की किताबों में ऐसी लापरवाही बेहद चिंताजनक है, क्योंकि इससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अभिभावकों ने भी सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी गलती कई स्तरों की जांच से गुजरने के बावजूद कैसे छपाई तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।

पहले भी सामने आ चुकी हैं गलतियां

यह पहला मौका नहीं है जब ओडिशा की स्कूली किताबें विवादों में आई हैं। हाल ही में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत तैयार की गई किताबों में बड़ी संख्या में गलतियां पाई गई थीं। कक्षा 1 से 8 तक की 55 नई SCERT किताबों में करीब 1,678 गलतियां दर्ज की गई थीं। इनमें व्याकरण, स्पेलिंग, तथ्यात्मक और संदर्भ संबंधी गलतियां शामिल थीं। इनमें सबसे अधिक गलतियां कक्षा 8 की किताबों में पाई गई थीं।

प्रशासनिक कार्रवाई भी हुई थी

लगातार सामने आ रही इन गलतियों के बाद राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए थे। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने टीचर एजुकेशन और स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (TE&SCERT) के पूर्व निदेशक और तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया था।

आगे क्या?

इस नए विवाद के बाद एक बार फिर मांग उठ रही है कि स्कूल पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन और समीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त गुणवत्ता नियंत्रण लागू नहीं किया गया, तो ऐसी गलतियां छात्रों की शिक्षा स्तर को प्रभावित कर सकती हैं।

फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। अगर यह गलती पुष्टि हो जाती है, तो आने वाले समय में पाठ्यपुस्तक निर्माण प्रक्रिया में बड़े सुधार किए जा सकते हैं।