बाड़मेर। शहर में बढ़ते नशे के कारोबार और उसकी गिरफ्त में फंसती युवा पीढ़ी की एक दर्दनाक तस्वीर चौटन चौराहे के पास सामने आई है। यहां एक युवक अपने बीमार परिजन के इलाज के लिए गुजरात से बाड़मेर पहुंचा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मेहनत और उम्मीदों पर पानी फिर गया।
जानकारी के अनुसार युवक के सेठ ने मानवीय आधार पर मदद करते हुए उसे 11,500 रुपये दिए थे, ताकि वह अस्पताल में भर्ती अपने परिजन का इलाज करवा सके। युवक सुबह करीब चार बजे बाड़मेर पहुंचा। अस्पताल जाने से पहले उसने कुछ देर आराम करने का सोचा और चौटन चौराहे के पास सड़क किनारे सो गया।
इसी दौरान एक युवक उसकी जेब से 11,500 रुपये निकालकर फरार हो गया। जब पीड़ित की आंख खुली और उसे पैसे चोरी होने का पता चला तो उसने आरोपी का पीछा करने का प्रयास भी किया, लेकिन वह भागने में सफल रहा।
पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज सामने आने के बाद इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
घटना का सबसे दुखद पहलू तब सामने आया जब आरोपी के भाई ने पीड़ित को फोन कर बताया कि उसके भाई ने चोरी किए गए पैसों में से करीब 6 हजार रुपये एमडी और स्मैक जैसे नशे में खर्च कर दिए हैं और अब केवल 5 हजार रुपये ही बचे हैं।
यह घटना सिर्फ एक चोरी की वारदात नहीं है, बल्कि समाज में तेजी से फैल रहे नशे के जाल की भयावह तस्वीर भी पेश करती है। एक ओर जहां युवक अपने बीमार परिजन के इलाज के लिए संघर्ष कर रहा था, वहीं दूसरी ओर नशे की लत ने किसी को इतना संवेदनहीन बना दिया कि उसने इलाज के लिए रखे पैसे तक नहीं छोड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में बढ़ता नशा अब सामाजिक चिंता का विषय बन चुका है और इस पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। फिलहाल मामले को लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।