जयपुर से जैश-ए-मोहम्मद की कथित स्लीपर सेल सदस्य बबीता उर्फ खदीजा की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता लालाराम धाकड़ का भावुक और सख्त बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए देश सबसे पहले है और उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि उनकी बेटी किसी देश विरोधी गतिविधि से जुड़ी हो सकती है।

लालाराम धाकड़ ने कहा, "मेरे लिए देश पहले है। मुझे ऐसी संतान की जरूरत नहीं है जो देश के खिलाफ काम करे। जो लोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होते हैं, उन्हें नरक में भी जगह नहीं मिलनी चाहिए।" उन्होंने बताया कि बबीता कई वर्षों से अपने पति से अलग रह रही थी और जयपुर के वाटिका क्षेत्र स्थित उनके घर में परिवार के साथ ही रहती थी।

उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहते और सोते थे, लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि बबीता किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल है। बबीता की शादी हिंडौन सिटी में हुई थी और पति से विवाद के चलते उसका तलाक का मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

गौरतलब है कि राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने रविवार को बबीता उर्फ खदीजा को जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त इनपुट के आधार पर की गई। ATS के अनुसार प्रारंभिक जांच में महिला के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और संदिग्ध आतंकवादी नेटवर्क से संपर्क के संकेत मिले हैं।

पूछताछ में सामने आया है कि कथित तौर पर पाकिस्तान के कुछ हैंडलर्स ने उसे भारत विरोधी सामग्री और वीडियो दिखाकर प्रभावित किया। जांच एजेंसियों के अनुसार एक मौलवी ने उसे ऑनलाइन कलमा पढ़ाया, जिसके बाद उसने अपना नाम बदलकर खदीजा रख लिया।

ATS को महिला के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध संपर्क और डिजिटल सामग्री मिली है। जांच में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कथित नेटवर्क के कुछ नंबरों और सोशल मीडिया संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। मोबाइल फोन में दो सिम कार्ड मिलने के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विदेशी संपर्कों की जानकारी भी सामने आई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार महिला सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए पाकिस्तान और अन्य देशों में मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में थी। उसके मोबाइल और ऑनलाइन गतिविधियों की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी या नहीं।

फिलहाल ATS और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी डिजिटल साक्ष्यों और संपर्कों की पड़ताल के बाद ही पूरे नेटवर्क और गतिविधियों की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।