कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक 22 वर्षीय लॉ स्टूडेंट की दिनदहाड़े चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान अमृता के रूप में हुई है। यह पूरी खौफनाक घटना 13 जुलाई की शाम की है, जिसका CCTV फुटेज अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। अस्पताल में 48 घंटे से अधिक समय तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद 15 जुलाई को अमृता ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है।

धार्मिक कार्यक्रमों से शुरू हुई थी जान-पहचान

जानकारी के अनुसार, अमृता और आरोपी धनुष व उसका छोटा भाई सूर्य एक ही इलाके में रहते थे। दोनों परिवारों का अक्सर धार्मिक आयोजनों में मिलना-जुलना होता था, जिसके चलते वे एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। इसी दौरान अमृता और धनुष के बीच दोस्ती हो गई, जो धीरे-धीरे प्रेम प्रसंग में बदल गई। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन जल्द ही इस रिश्ते में एक कड़वा सच सामने आ गया।

प्रेमी के अतीत का सच और रिश्ते का अंत

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ समय बाद अमृता को धनुष के अतीत के बारे में एक चौंकाने वाली जानकारी मिली। उसे पता चला कि धनुष पहले से शादीशुदा था, उसका तलाक हो चुका है और उसका एक बच्चा भी है। इस सच्चाई के सामने आने के बाद अमृता ने तुरंत धनुष से अपना रिश्ता खत्म करने का फैसला किया और उससे पूरी तरह दूरियां बना लीं।

भाई के ठुकराए जाने पर भड़का छोटा भाई

अमृता का यह फैसला धनुष के छोटे भाई सूर्य को बिल्कुल रास नहीं आया। अपने भाई को इस तरह ठुकराए जाने से वह आगबबूला हो गया और उसने अमृता को जान से मारने की धमकी दे डाली। सूर्य ने चेतावनी दी थी कि वह अपने भाई का अपमान करने वालों को छोड़ेगा नहीं।

दिनदहाड़े सीने और पीठ पर किए चाकू से वार

धमकी के कुछ ही दिन बाद, 13 जुलाई की शाम करीब 4:30 बजे एचएएल रोड के कोडिहल्ली इलाके में अमृता और सूर्य का आमना-सामना हुआ। दोनों के बीच तीखी बहस हुई और इसी दौरान गुस्से में आकर सूर्य ने अमृता पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने छात्रा के सीने और पीठ पर ताबड़तोड़ कई वार किए। वारदात को अंजाम देने के बाद सूर्य मौके से भागने की फिराक में था, लेकिन वहां मौजूद भीड़ ने साहस दिखाते हुए उसे दबोच लिया।

48 घंटे तक चला जिंदगी का संघर्ष

खून से लथपथ अमृता को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की। करीब 48 घंटे से ज्यादा वक्त तक वह जिंदगी की जंग लड़ती रही, लेकिन 15 जुलाई की शाम उसने हमेशा के लिए आंखें मूंद लीं।

पुलिस की कार्रवाई जारी

इस हत्याकांड के बाद जीवन भीमा नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों भाइयों (धनुष और सूर्य) को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब हत्या से जुड़े हर पहलू और CCTV फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है।