बाड़मेर के बालोतरा स्थित एचपीसीएल (HPCL) पचपदरा रिफाइनरी की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए शातिर चोरों ने कच्चे तेल की पाइपलाइन में सेंध लगा दी
इस पूरी अंतरराष्ट्रीय/अंतरराज्यीय चोरी के रैकेट का पर्दाफाश गुजरात एटीएस (ATS) की मुस्तैदी से हुआ है
6 महीने रेकी कर गड्ढे में लगाया वाल्व
जानकारी के मुताबिक, करीब सात महीने पहले मुंद्रा (कांडला) पोर्ट से पचपदरा रिफाइनरी तक बिछी एएमपीएल (अरब मिक्स पाइपलाइन) की टेस्टिंग हुई थी
आरोपियों ने लगातार 6 महीने तक इलाके की रेकी की और फिर पचपदरा तहसील के कालूड़ी गांव की बंजर जमीन में एक गहरा गड्ढा खोदा
गुजरात में पकड़ा गया टैंकर, तो खुला पूरा राज
गुजरात एटीएस को इनपुट मिला था कि कुछ लोग बालोतरा रिफाइनरी की पाइपलाइन से चोरी किया गया क्रूड ऑयल अहमदाबाद-राजकोट हाईवे पर बेचने की फिराक में हैं
-
पहली गिरफ्तारी: एटीएस ने 10 अगस्त को राजकोट के धोराजी निवासी जयराज सिंह को कुवाडवा के सोखड़ा गांव के पास क्रूड ऑयल से भरे टैंकर के साथ दबोच लिया
। -
मुख्य खुलासा: पूछताछ में जयराज सिंह ने कबूला कि वह यह कच्चा तेल बालोतरा के कालूड़ी गांव से चोरी करके ला रहा था
। -
ढाबे से 7 अन्य गिरफ्तार: जयराज की निशानदेही पर जसोल पुलिस और गुजरात एटीएस की टीम ने कालूड़ी में वाल्व पॉइंट से 6 किलोमीटर दूर टापरा गांव के पास एक ढाबे पर दबिश दी, जहाँ से साजिश में शामिल 7 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया
।
पकड़े गए आरोपियों की सूची
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में से 6 गुजरात, 1 उत्तर प्रदेश और 1 राजस्थान (जालोर) का रहने वाला है
-
जयराज सिंह (34) – निवासी धोराजी, राजकोट (गुजरात)
-
घनश्याम सोनी (54) – निवासी नागलपुर, महेसाणा (गुजरात)
-
रमेश ठाकोर (41) – निवासी चालासण (गुजरात)
-
महेश ठाकोर (32) – निवासी चालासण (गुजरात)
-
सुरेजी ठाकोर (32) – निवासी जोटाणा (गुजरात)
-
रणजीत चोरसिया (48) – निवासी गांधीनगर (गुजरात)
-
मुकेश कुमार मेघवाल (44) – मूल निवासी जसवंतपुरा (जालोर, राजस्थान), हाल अहमदाबाद
-
दिलीप यादव (35) – निवासी इटावा (उत्तर प्रदेश)
थ्री-लेयर हाईटेक सिक्योरिटी सिस्टम पर उठे सवाल
पचपदरा रिफाइनरी को कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए कांडला पोर्ट से 700 किमी और मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल (बाड़मेर) से 95 किमी लंबी हाईटेक पाइपलाइन बिछाई गई है
-
प्रेशर कम होने पर कंट्रोल रूम में तुरंत अलर्ट बजता है
। -
पाइपलाइन पर जेसीबी या हथौड़े का दबाव पड़ने पर सेंसर अलर्ट भेजते हैं
। -
ड्रोन सर्विलांस और ग्राउंड पेट्रोलिंग टीम 24 घंटे तैनात रहती है
।
इतने पुख्ता इंतजामों के बावजूद सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक होना गंभीर चिंता का विषय है