राजस्थान में पुलिस की मुस्तैदी ने एक बड़े राजनीतिक हत्याकांड को होने से रोक लिया है। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जोधपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इस गैंग के निशाने पर कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा थे। पुलिस ने पंजाब से 5-5 लाख रुपये के इनामी दो खतरनाक शूटर्स— जसकरण सिंह उर्फ करण और राजिंदर उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार शूटर्स के मोबाइल फोन खंगालने पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की तस्वीरें बरामद हुई हैं, जिसने इस पूरी खौफनाक साजिश की पोल खोल दी।

पहाड़ी से करते थे फार्म हाउस की रेकी

पूछताछ में सामने आया है कि इन शूटर्स ने सिरोही स्थित संयम लोढ़ा के फार्म हाउस की कई दिनों तक बारीकी से रेकी की थी। वारदात को अंजाम देने के लिए इन्होंने फार्म हाउस के पास की एक पहाड़ी को अपना ठिकाना बनाया। इसी ऊंचाई से वे पूर्व विधायक की हर हलचल, उनके आने-जाने के समय और उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रखते थे। इसके अलावा, मर्डर के बाद आसानी से फरार होने के लिए इन्होंने सुनसान रास्तों की भी पहले ही पहचान कर ली थी।

भीड़ ने बचा ली जान, फेल हो गया प्लान

शूटर्स वारदात को अंजाम देने की पूरी फिराक में थे, लेकिन उनकी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। पुलिस जांच के मुताबिक, उस वक्त निकाय चुनाव चल रहे थे। इसके चलते पूर्व विधायक के फार्म हाउस पर पार्षदों, समर्थकों और आम लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। लोगों की लगातार आवाजाही के कारण शूटर्स को अपने मंसूबे पूरे करने का मौका ही नहीं मिल सका और प्लान टल गया।

हत्या के पीछे का संदिग्ध कारण

आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में दावा किया है कि पूर्व विधायक और उनके भाई के बीच कुछ वैचारिक मतभेद थे, जिसका फायदा उठाकर इस हत्या की साजिश रची गई। हालांकि, पुलिस इस थ्योरी को पूरी तरह सच नहीं मान रही है और इसके हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।

मारवाड़ का एक बड़ा कारोबारी भी था रडार पर

जांच में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मर्डर के बाद दहशत फैलाकर लॉरेंस गिरोह की योजना मारवाड़ के एक बड़े कारोबारी से करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलने की थी। अंदेशा है कि शूटर्स ने इस कारोबारी की भी रेकी कर ली थी। पुलिस अब सुमेरपुर और शिवगंज इलाके के बड़े व्यवसायियों को लेकर पड़ताल कर रही है।

हथियारों का जखीरा बरामद

जोधपुर पुलिस और AGTF ने शूटर्स की निशानदेही पर पाली-सिरोही हाईवे पर ढोला गांव के पास से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। हाईवे से 200 मीटर अंदर बबूल की झाड़ियों में एक कपड़े के थैले में पिस्टल, मैगजीन और 36 जिंदा कारतूस छिपाकर रखे गए थे।

फर्जी आधार कार्ड और नेपाल कनेक्शन

पुलिस इन्वेस्टिगेशन से जुड़ी अहम बातें:

  • होटल में स्टे: 17 सितंबर को दोनों शूटर्स फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर ब्यावर-पिंडवाड़ा हाईवे के अरठवाड़ा गांव स्थित एक होटल में रुके थे।

  • नेपाल कनेक्शन: ये दोनों शूटर पंजाब में हत्या की दो वारदातों को अंजाम देकर नेपाल भाग गए थे। लॉरेंस गैंग के विदेशी हैंडलर्स ने ही इन्हें नेपाल से वापस बुलाकर जोधपुर भेजा था।

  • विदेश भागने की प्लानिंग: हत्या के बाद इन्हें फर्जी पासपोर्ट के जरिए वापस नेपाल के रास्ते विदेश भागने का भरोसा दिया गया था।

  • आपराधिक रिकॉर्ड: दोनों आरोपियों पर पंजाब में हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के 12 से ज्यादा केस दर्ज हैं।

हरियाणा तक जुड़े हैं तार

AGTF के एडीजी दिनेश एमएन (ADG Dinesh MN) खुद इस पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जानकारी मिली है कि शूटर्स को स्थानीय स्तर पर हरियाणा के गैंगस्टर्स से रसद और रेकी में मदद मिली थी। AGTF ने हरियाणा से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और 7-8 अन्य लोगों पर भी निगरानी रखी जा रही है।

फिलहाल, पुलिस ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की सुरक्षा बढ़ा दी है और विदेशी हथियारों की सप्लाई करने वालों की तलाश तेज कर दी गई है।