राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करने वाले वांटेड आरोपी विशाल पचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सार्वजनिक रूप से भगोड़ा घोषित किया है। शुक्रवार को NIA की टीम श्रीगंगानगर पहुंची और विशाल पचार के घर के बाहर ढोल बजवाकर उसके नाम के पोस्टर चस्पा किए।
NIA ने उसके घर के अलावा शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंड, नगर परिषद और लीला चौक पर भी पोस्टर लगाए। पोस्टरों में उल्लेख किया गया है कि आरोपी लंबे समय से फरार है, न तो जांच एजेंसियों के सामने पेश हो रहा है और न ही अदालत में हाजिर हो रहा है।
विशाल पचार का घर श्रीगंगानगर के वार्ड नंबर-14 स्थित शनि मंदिर के पास है। NIA की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। अधिकारियों के अनुसार कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है और उसे फरार घोषित किया गया है।
पाकिस्तान से हथियार और ड्रग्स सप्लाई का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक विशाल पचार लॉरेंस गैंग के लिए पाकिस्तान से हथियार और मादक पदार्थ मंगवाने का काम करता था। आरोप है कि उसने सीमावर्ती क्षेत्रों में अपना नेटवर्क तैयार कर पाकिस्तान स्थित तस्करों से संपर्क स्थापित किया था। इसके जरिए हथियारों और ड्रग्स की खेप भारत में मंगवाई जाती थी।
सूत्रों के अनुसार विशाल पचार रोहित गोदारा के संपर्क में था और वर्ष 2024 में नेपाल के रास्ते देश छोड़कर फरार हो गया था। वर्तमान में उसके यूरोप के किसी देश में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।
कई नामों से पहचान
विशाल पचार को गैंग में ‘एलेक्स’, ‘सरदार खान’, ‘एसके’ और ‘विशाल’ जैसे कई नामों से जाना जाता है। NIA की चार्जशीट में उसका नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह गैंग के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में नेटवर्क खड़ा करने और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराने का काम करता था।
कई संगीन मामलों में नाम
विशाल पचार का नाम राजस्थान और पंजाब में धमकी, फिरौती और संगठित अपराध से जुड़े कई मामलों में सामने आ चुका है। उसके खिलाफ करीब 11 आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। श्रीगंगानगर पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार उसका नाम कई चर्चित आपराधिक मामलों और गैंग की गतिविधियों से जुड़ा रहा है। पुलिस और NIA अब उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद ले रही हैं। उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया भी जारी है।
इंटरपोल की मदद से तलाश
NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियां विशाल पचार की लोकेशन का पता लगाने में जुटी हैं। माना जा रहा है कि वह विदेश में बैठकर गैंग के नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभा रहा था। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से लॉरेंस गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल NIA की यह कार्रवाई गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।