जालौर/सांचौर। राजस्थान में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच सांचौर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चितलवाना गांव की जानियों की ढाणी में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की टीम ने एक खेत में निर्माणाधीन मकान की आड़ में चल रही कथित MD (मादक पदार्थ) बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया है।
गुप्त सूचना के आधार पर ANTF की बाड़मेर टीम ने मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान टीम को MD बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और संदिग्ध केमिकल बरामद हुए। खास बात यह रही कि आरोपियों ने कार्रवाई से बचने के लिए मशीनों और केमिकल को जमीन में दबाकर रखने का तरीका अपना रखा था।
रात के अंधेरे में बनती थी MD!
सूत्रों के अनुसार, प्रकाश नामक युवक ने अपने खेत में बन रहे मकान की आड़ में कथित तौर पर MD बनाने का काम शुरू किया था। बताया जा रहा है कि रात के समय यहां मादक पदार्थ तैयार किया जाता था और बड़ी मात्रा में MD बनाने के बाद मशीनों तथा केमिकल को जमीन में गाड़ दिया जाता था।
जब दोबारा MD बनाने की जरूरत होती, तो जमीन खोदकर मशीनें और केमिकल बाहर निकाले जाते और फिर कथित तौर पर निर्माण का काम शुरू कर दिया जाता था। इस तरीके से लंबे समय तक गतिविधियों को छिपाए रखने की कोशिश की जा रही थी।
7-8 घंटे तक चली तलाशी
ANTF की टीम को जमीन में छिपाई गई मशीनों और केमिकल को तलाशने में करीब 7 से 8 घंटे का समय लगा। गहन तलाशी के बाद टीम ने जमीन के भीतर छिपाए गए सामान को बरामद किया।
कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक बताए जा रहे प्रकाश के मौके पर नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं, उसका भाई ANTF की हिरासत में है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वह कथित तौर पर प्रकाश का सहयोग करता था। मामले में टीम अब पूरे नेटवर्क और MD निर्माण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
ANTF की लगातार बढ़ रही कार्रवाई
राजस्थान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन के बाद मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। ANTF IG विकास कुमार सिंह की मॉनिटरिंग में प्रदेशभर में टीमें नशे के नेटवर्क पर शिकंजा कस रही हैं।
सांचौर में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है, जिसे ANTF की बाड़मेर टीम ने अंजाम दिया। खेत में निर्माणाधीन मकान की आड़ में कथित MD फैक्ट्री चलाने और मशीनों-केमिकल को जमीन में छिपाने के खुलासे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
फिलहाल टीम बरामद सामान की जांच के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि यहां कितनी मात्रा में MD तैयार की जाती थी, यह नेटवर्क कहां तक फैला है और इस पूरे कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।