करौली जिले के नादौती उपखंड में रिश्वत मामले की जांच के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को एक नया खुलासा हुआ है। SDM काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश सैनी और यूडीसी प्रवीण कुमार धाकड़ को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद अब मामले में एक और FIR दर्ज की गई है।
ACB ने 16 अप्रैल को कार्रवाई करते हुए तीनों अधिकारियों को ट्रैप किया था। आरोप है कि एक काम करवाने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम के साथ एक बैग बरामद हुआ, जिसमें 60 हजार रुपए के अलावा करीब 4 लाख रुपए की अतिरिक्त नकदी भी मिली थी।
जांच के दौरान जब इस अतिरिक्त राशि के बारे में पूछताछ की गई तो मामले की कड़ियां आगे बढ़ीं। बताया गया कि यह रकम किसकी थी और कहां से आई, इसकी जांच के लिए ACB ने अलग से पड़ताल शुरू की। इसी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नई FIR दर्ज की गई है।
मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब आरोपी यूडीसी प्रवीण कुमार धाकड़ के पिता से पूछताछ की गई। पिता के बयान और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर ACB को अतिरिक्त रकम से जुड़े सुराग मिले। इसके बाद आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध धनराशि से जुड़े पहलुओं की जांच आगे बढ़ाई गई।
ACB अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हुई अतिरिक्त नकदी किस स्रोत से आई, क्या इसका रिश्वत प्रकरण से कोई संबंध है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसी अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति, बैंक खातों और लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।
SDM काजल मीणा सहित तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया गया था। अब नई FIR के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है और भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।