राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर इलाके में स्थित अपेक्स हॉस्पिटल से चोरी की एक बेहद हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। यहां अपनी बीमार पत्नी को आईसीयू (ICU) में भर्ती कराकर हॉस्पिटल के गेस्ट हाउस में सो रहे एक बुजुर्ग सरकारी शिक्षक के पास से शातिर बदमाशों ने महज 5 मिनट में करीब 5 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए। यह पूरी वारदात गेस्ट हाउस में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

पत्नी ICU में भर्ती, बाहर सोते रहे शिक्षक और हो गई वारदात

मालवीय नगर थाने के एएसआई (ASI) गंगासहाय ने बताया कि यह वारदात दौसा के बडोली निवासी 58 वर्षीय गोपीराम मीणा के साथ हुई है, जो एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। बीती 11 जून की रात करीब 10 बजे गोपीराम की पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद वे उन्हें इलाज के लिए जयपुर के अपेक्स हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।

अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्राथमिक उपचार के बाद जब मरीज को आईसीयू में शिफ्ट किया जाने लगा, तो स्टाफ ने पत्नी के पहने हुए सारे गहने उतारकर पति गोपीराम को सौंप दिए। गोपीराम ने उन गहनों को अपने कपड़ों के पास एक बैग में सुरक्षित रख लिया और रात करीब 12:30 बजे थककर अस्पताल के गेस्ट हाउस में सोने चले गए।

रात 3 बजे घुसे 3 बदमाश, पास लेटकर निकाला जेवरों का बैग

सीसीटीवी फुटेज और पुलिस तफ्तीश के अनुसार, रात करीब 3 बजे तीन शातिर बदमाश अस्पताल के गेस्ट हाउस में दाखिल हुए। उन्होंने पहले काफी देर तक वहां सो रहे मरीजों के परिजनों की रेकी की। इसके बाद एक बदमाश बेहद शातिराना तरीके से गहरी नींद में सो रहे गोपीराम मीणा के पास जाकर लेट गया, मानो वह भी किसी मरीज का परिजन हो और सोने का नाटक करने लगा।

महज कुछ ही मिनटों के भीतर उसने गोपीराम के पास रखा ज्वेलरी का बैग धीरे से सरका लिया और अपने बाहर खड़े दो अन्य साथियों के साथ वहां से रफूचक्कर हो गया। सुबह जब गोपीराम की आंख खुली तो उनके होश उड़ गए; गहने गायब थे। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर तीनों आरोपियों का पूरा खेल बेनकाब हो गया।

जयपुर का खौफनाक क्राइम ग्राफ: 4.5 साल में 35 हजार संपदा अपराध

इस वारदात के बाद जयपुर में बढ़ रहे चोरी के ग्राफ ने पुलिस प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान पुलिस की सालाना रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि जयपुर में हर साल औसतन 11 हजार से ज्यादा चोरी और नकबजनी की वारदातें हो रही हैं।

वर्ष 2022 से अप्रैल 2026 तक का लेखा-जोखा:

  • कुल दर्ज मामले: 34,989 प्रॉपर्टी क्राइम

  • साधारण चोरी: 30,742 मामले

  • नकबजनी (House Breaking): 4,247 मामले

इन इलाकों में सबसे ज्यादा एक्टिव हैं चोर: शहर का पूर्वी जिला चोरों का सबसे बड़ा गढ़ बना हुआ है, जहां रिकॉर्ड 13,610 चोरी और 1,282 नकबजनी के मामले दर्ज हुए हैं। इसके बाद दक्षिण जिला दूसरे नंबर पर है, जहां 12,410 चोरी और 1,302 नकबजनी की घटनाएं सामने आई हैं।

आखिर जयपुर में क्यों सफल हो रहे हैं चोर?

क्राइम एक्सपर्ट्स का मानना है कि अपराधियों ने जयपुर पुलिस की गश्ती (Patrolling) के पैटर्न और आम जनता की दिनचर्या को पूरी तरह डिकोड कर लिया है।

  • दोपहर 12 से 3 बजे: इस दौरान चोर खाली पड़े मकानों और सूने दफ्तरों को निशाना बनाते हैं।

  • रात 12 से सुबह 4 बजे: इस समय का उपयोग सुनसान इलाकों और अस्पतालों के गेस्ट हाउस जैसी जगहों पर नकबजनी और चोरी के लिए किया जा रहा है।

इसके अलावा पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि जयपुर का दिल्ली और आगरा हाईवे से सीधा जुड़ाव होना बाहरी राज्यों के अपराधियों के लिए एक आसान 'एंट्री और एग्जिट रूट' (प्रवेश और निकास मार्ग) बन जाता है, जिससे वे वारदात कर तुरंत शहर की सीमा से बाहर भाग जाते हैं। फिलहाल मालवीय नगर थाना पुलिस अपेक्स हॉस्पिटल के फुटेज के आधार पर चोर गिरोह को दबोचने के लिए लगातार दबिश दे रही है।