श्रीगंगानगर में पुलिस के हत्थे चढ़ा गैंगस्टर नेटवर्क का बड़ा खिलाड़ी
श्रीगंगानगर। पंजाब के चर्चित सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियारों के सप्लायर और कुख्यात गैंगस्टर शकील अंसारी उर्फ आदिल को राजस्थान पुलिस ने श्रीगंगानगर में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। शकील को गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गैंग का प्रमुख हैंडलर माना जाता है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से उत्तर भारत में फैले गैंगस्टर नेटवर्क और हथियार तस्करी के बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।
फायरिंग की वारदात से पहले हुई पुलिस से मुठभेड़
पुलिस के अनुसार शकील अंसारी श्रीगंगानगर में एक कारोबारी पर फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के इरादे से पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस को उसकी गतिविधियों की सूचना मिली और उसे रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि शकील ने पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान गोली उसके दाहिने पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।
घायल हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद कोर्ट में पेश कर उसे 22 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में हथियार सप्लाई का दावा
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि शकील अंसारी ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल हुई विदेशी पिस्टलें उपलब्ध कराई थीं। इनमें तुर्किये निर्मित जिगाना पिस्टल और ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक पिस्टल शामिल बताई जा रही हैं।
पूछताछ में शकील ने दावा किया कि इन हथियारों का इस्तेमाल कई बड़ी वारदातों में किया जाता था। वह गैंगस्टरों और शूटरों को हथियार उपलब्ध कराता था और वारदात के बाद उन्हें वापस भी ले लेता था ताकि उन्हीं हथियारों का इस्तेमाल दूसरी घटनाओं में किया जा सके।
विदेशी हथियारों का बड़ा नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार शकील के पास विदेशी हथियारों का बड़ा नेटवर्क था। उसने बताया कि एक अत्याधुनिक पिस्टल की कीमत करीब 5 से 6 लाख रुपए तक होती है। गैंगस्टर गिरोहों की मांग के अनुसार वह विभिन्न राज्यों में हथियार पहुंचाने का काम करता था।
पुलिस को आशंका है कि उसके नेटवर्क के तार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और विदेशों तक फैले हुए हैं। जांच में दुबई कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।
भाजपा नेता के भाई पर फायरिंग केस में भी आया नाम
हरियाणा के पंचकूला में भाजपा नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना पर हुई फायरिंग मामले में गिरफ्तार शूटरों ने भी पूछताछ के दौरान शकील का नाम लिया था। पुलिस का दावा है कि वह न केवल हथियार उपलब्ध करवाता था, बल्कि वारदात के बाद उन्हीं हथियारों को वापस लेकर दूसरे अपराधियों तक पहुंचाने का भी काम करता था।
इसी वजह से विभिन्न राज्यों की पुलिस एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में थीं।
ऐसे चला रहा था गैंगस्टर नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि शकील रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग के लिए काम करता था। वह गैंग के निर्देश पर शूटरों को हथियार उपलब्ध करवाता, सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था करता और वारदात के बाद हथियारों को वापस एकत्रित करता था।
पुलिस को उसके कई ठिकानों और सहयोगियों की जानकारी भी मिली है, जिन पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।
तीन अहम बिंदुओं में समझें पूरा मामला
1. शूटरों की पूछताछ में सामने आया नाम
पंजाब में गिरफ्तार शूटर जसविंद्र और हरप्रीत ने पूछताछ के दौरान शकील अंसारी का नाम बताया था। उन्होंने कहा था कि शकील गैंगस्टरों को हथियार उपलब्ध करवाता है और वारदात के बाद उन्हें वापस भी ले लेता है।
2. श्रीगंगानगर में हुआ एनकाउंटर
11 जून को शकील श्रीगंगानगर में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने पहुंचा था। पुलिस द्वारा घेराबंदी करने पर उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह गिरफ्तार कर लिया गया।
3. अब अन्य राज्यों की पुलिस करेगी पूछताछ
पंचकूला पुलिस सहित अन्य एजेंसियां भी उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इससे कई हाई-प्रोफाइल अपराधों और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं।
कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शकील अंसारी पर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से गैंगस्टर नेटवर्क और हथियार तस्करी से जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियां अब उसके पूरे नेटवर्क, फंडिंग स्रोतों और सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।
अधिकारियों का मानना है कि शकील की गिरफ्तारी उत्तर भारत में सक्रिय संगठित अपराध और हथियार तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता साबित हो सकती है।