राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग से हुए गैंगरेप मामले में राज्य सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने बुधवार सुबह संयुक्त अभियान चलाकर अपराध से जुड़े तीन होटलों पर बुलडोजर कार्रवाई की। इस दौरान होटल खुंगर, जॉय इन और होटल सफायर को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस जघन्य घटना के सामने आने के बाद ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दोषियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाए। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अपराधियों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वाले तंत्र पर भी कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
प्रशासन के अनुसार जिन होटलों पर कार्रवाई की गई, उनका संबंध मामले की जांच में सामने आया था। इसके बाद संबंधित विभागों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस और प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई को राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राज्य सरकार का कहना है कि महिलाओं और बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ संदेश दिया है कि राजस्थान में बेटियों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। अपराधियों को कानून के अनुसार कठोरतम सजा दिलाने के साथ-साथ ऐसे अपराधों को बढ़ावा देने या संरक्षण देने वाले लोगों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि कानून का भय अपराधियों में होना चाहिए और आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा का विश्वास बना रहना चाहिए। इसी उद्देश्य से राज्यभर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी, त्वरित कार्रवाई और कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
श्रीगंगानगर में हुई यह बुलडोजर कार्रवाई राज्य सरकार के उसी दृढ़ संकल्प को दर्शाती है, जिसके तहत कानून से ऊपर किसी को नहीं माना जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित एवं कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।