राजस्थान के दौसा जिले में जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। शीतल की मौत के मामले में नामजद किए गए असिस्टेंट ट्रेजरी ऑफिसर (उपकोषाधिकारी) मनोज मीणा ने गुरुवार रात अपने घर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा की 10 जून को कथित रूप से जहरीला पदार्थ सेवन करने से मौत हो गई थी। इस मामले में शीतल के भाई मोहनलाल मीणा ने 11 जून को मानपुर थाने में सहायक उपकोषाधिकारी मनोज मीणा के खिलाफ प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई थी।
एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद मनोज मीणा ने महवा थाना क्षेत्र के सिंदूकी गांव स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली। घटना के समय वह घर पर अकेले थे, जबकि उनकी पत्नी पीहर गई हुई थीं।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
महवा थाना पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें मनोज मीणा ने अपनी मौत के लिए भुसावर के एक नायब तहसीलदार अरुण आरटीएस और उसके जीजा सोनू को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच के लिए जब्त कर लिया है।
फोन नहीं उठा तो हुआ खुलासा
परिजनों के मुताबिक, मनोज की पत्नी लगातार उन्हें फोन कर रही थीं, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद किराएदार को कमरे में देखने भेजा गया। जब दरवाजा खोला गया तो मनोज फंदे से लटके मिले। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
शीतल मीणा दौसा जिले के सिकराय स्थित उपकोष कार्यालय में पिछले डेढ़ साल से जूनियर अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थीं। 10 जून की शाम ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
डॉक्टरों के अनुसार, शीतल ने अस्पताल में बताया था कि बादाम शेक पीने के बाद उन्हें पेट दर्द और घबराहट महसूस हुई थी। प्राथमिक जांच में जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका जताई गई थी।
पुलिस कर रही हर एंगल से जांच
शीतल की मौत के बाद पुलिस ने ट्रेजरी कार्यालय का निरीक्षण किया और घटनास्थल से एक टूटा हुआ मोबाइल फोन तथा स्कूटी बरामद की। वहीं मनोज मीणा की आत्महत्या के बाद जांच और भी जटिल हो गई है।
फिलहाल पुलिस दोनों मामलों को जोड़कर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।