नई दिल्ली: वैश्विक शेयर बाजारों में टेक्नोलॉजी सेक्टर पर दबाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख टेक इंडेक्स नैस्डैक में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला। निवेशकों की सतर्कता, टेक कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण टेक शेयरों में बिकवाली का माहौल बना हुआ है।
हाल के महीनों में टेक शेयरों में तेज़ उछाल के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है। इसके अलावा ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक वृद्धि की धीमी रफ्तार ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। यही वजह है कि अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों के शेयर दबाव में रहे और नैस्डैक इंडेक्स लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ।
अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया। जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और हांगकांग जैसे प्रमुख बाजारों में टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सेमीकंडक्टर, चिप निर्माण और आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली अधिक देखने को मिली, जिससे क्षेत्रीय बाजारों का प्रदर्शन प्रभावित हुआ।
भारतीय शेयर बाजार पर भी इस वैश्विक रुझान का असर देखने को मिल सकता है। आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव बना रह सकता है। हालांकि घरेलू आर्थिक संकेतक और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की आगे की दिशा तय करेंगी।
फिलहाल निवेशकों को टेक शेयरों में निवेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, ब्याज दरों से जुड़े फैसलों और प्रमुख टेक कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि इन मोर्चों पर सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो टेक शेयरों में दोबारा मजबूती लौट सकती है।