राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदर एक बार फिर गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई है। मंगलवार, 11 अगस्त को बाड़मेर से अजमेर तक पार्टी के अंदर चल रही नाराजगी और शिकायतों का मुद्दा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सामने पहुंचा।
बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ जयपुर स्थित PCC कार्यालय पहुंचे। वहीं अजमेर के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन ने भी डोटासरा से मुलाकात कर पार्टी में कार्यकर्ताओं की कथित अनदेखी का मुद्दा उठाया।
हालांकि दोनों नेताओं ने सीधे तौर पर किसी नेता का नाम लेकर शिकायत की बात नहीं कही, लेकिन उनके बयानों के बाद पार्टी के अंदर गुटबाजी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मेवाराम जैन बोले- गुटबाजी करने वाले का नाम बता दिया
मेवाराम जैन ने कहा कि कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष से इस बात पर चर्चा करने पहुंचे थे कि कांग्रेस को दोबारा मजबूत कैसे किया जाए और पार्टी के अंदर गुटबाजी को कैसे खत्म किया जाए।
उन्होंने कहा कि बाड़मेर में गुटबाजी काफी ज्यादा है और इसे खत्म करके कांग्रेस को एकजुट करने की जरूरत है।
हालांकि मेवाराम जैन ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि गुटबाजी करने वाले व्यक्ति का नाम प्रदेश अध्यक्ष को बता दिया गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले समय में जो कुछ हुआ, उसे भूलकर आगे बढ़ना चाहिए और पार्टी के अंदर जितनी भी गुटबाजी है, उसे खत्म किया जाना चाहिए।
अजमेर में भी उठी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की बात
अजमेर के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन ने भी डोटासरा के सामने अपनी नाराजगी रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि अजमेर में होने वाले पार्टी कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है।
विजय जैन ने कहा कि जिन लोगों को पार्टी में उपेक्षित किया गया है, उन्होंने अपनी बात प्रदेश अध्यक्ष के सामने रखी है।
उन्होंने कहा कि अजमेर में एक व्यक्ति की वजह से पूरा सिस्टम बिगड़ गया है। हालांकि उन्होंने भी सीधे तौर पर उस व्यक्ति का नाम नहीं बताया।
विजय जैन ने भरोसा जताया कि प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे और जो भी फैसला होगा, वह कांग्रेस के हित में होगा।
डोटासरा बोले- एक 'जाजम' पर लड़ेंगे चुनाव
पार्टी नेताओं की शिकायतों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एकजुटता का संदेश दिया।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर एक जाजम पर बैठकर चुनाव लड़ेगी और किसी भी कार्यकर्ता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हाईकमान का संदेश है कि सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान होना चाहिए। जिसका जहां अधिकार बनता है, उसे उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।
बाड़मेर को लेकर डोटासरा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान वहां मनमुटाव हुआ था। उस समय मेवाराम जैन कांग्रेस में नहीं थे। बाद में आलाकमान के फैसले के बाद उनकी कांग्रेस में वापसी हुई और अब सभी को एकजुट होकर काम करना है।
अब चुनाव से पहले सामने आई इन शिकायतों के बाद कांग्रेस नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाड़मेर और अजमेर में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चल रही नाराजगी को खत्म कर संगठन को एकजुट रखने की होगी।