बागोर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित साहूकार शोभालाल जैन हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार सुबह पुलिस ने मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी 36 वर्षीय रोशन गुर्जर को मध्य प्रदेश के सागर जिले से गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी के दोस्त और हत्या में सहयोगी बताए जा रहे नारायण लाल सरगरा को 1 अगस्त को ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने कथित तौर पर 70 लाख रुपये और करोड़ों की संपत्ति हड़पने की नीयत से 78 वर्षीय शोभालाल जैन की हत्या की साजिश रची थी।
कार में मुंह दबाकर की हत्या
बागोर थाना प्रभारी बच्छराज चौधरी के अनुसार, बावलास गांव से 78 वर्षीय साहूकार शोभालाल जैन के लापता होने की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि उनकी हत्या 26 जुलाई को की गई थी।
शोभालाल जैन ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक, उनके यहां मुनीम के तौर पर काम करने वाले रोशन गुर्जर को पता था कि सेठ के पास करीब 70 लाख रुपये हैं।
आरोप है कि धार्मिक यात्रा से वापस लौटते समय कार में रोशन और उसके साथी नारायण ने मिलकर शोभालाल की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, नारायण ने सेठ के हाथ पकड़े और रोशन ने उनका मुंह दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद मुंह पर टेप लगा दिया गया।
आरोपियों ने शव को सीमेंट के खंभे से बांधा और सुनसान इलाके में ले जाकर कुएं में फेंक दिया। वारदात के बाद दोनों फरार हो गए।
70 लाख रुपये हड़पने की थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि रोशन गुर्जर को सेठ के पास रखे करीब 70 लाख रुपये की जानकारी थी। इसी रकम को हड़पने के लिए उसने अपने पुराने दोस्त नारायण लाल सरगरा को कथित तौर पर हत्या की साजिश में शामिल किया।
पुलिस के मुताबिक, रोशन ने नारायण को वारदात में शामिल होने के बदले 10 लाख रुपये देने का लालच दिया था।
नारायण लाल सरगरा अड़र्सीपुरा गांव का रहने वाला है और मध्य प्रदेश में पानीपुरी का कारोबार करता है। रोशन और नारायण पुराने दोस्त बताए जा रहे हैं।
हत्या के बाद दोनों हुए फरार
हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने जांच के दौरान नारायण लाल सरगरा को गिरफ्तार कर लिया था। वह उदयपुर में रहकर फरारी काट रहा था।
वहीं, मुख्य आरोपी रोशन गुर्जर लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था। पुलिस ने उसकी तलाश में कई जगह दबिश दी और आखिरकार उसे मध्य प्रदेश के सागर जिले से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और 70 लाख रुपये व संपत्ति को लेकर आरोपियों की आगे क्या योजना थी।