राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों के जाट समुदाय को केंद्र सरकार की नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। इसी क्रम में सोमवार, 22 जून को भरतपुर के नुमाइश मैदान में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 'आरक्षण हुंकार रैली' का आयोजन किया जा रहा है।
रैली को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने समाज के लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जारी संदेश में कहा कि यह केवल एक सभा नहीं, बल्कि समाज के अधिकारों, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है।
सांसद बेनीवाल ने अपने संदेश में कहा कि भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाट समाज को केंद्र में OBC आरक्षण का लाभ दिलाने तथा समाज के हितों की रक्षा के लिए सभी लोगों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि उन्हें भी संघर्ष समिति की ओर से आमंत्रित किया गया है और वे अपने समर्थकों के साथ रैली में शामिल होंगे।
क्या है आरक्षण का विवाद?
राजस्थान में जाट समाज को राज्य स्तर पर OBC आरक्षण का लाभ वर्षों से मिल रहा है, लेकिन भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों के जाट समुदाय को केंद्र सरकार की OBC सूची में शामिल नहीं किया गया है। वर्ष 1999 में केंद्र सरकार द्वारा जाट समाज को केंद्रीय OBC सूची में शामिल किया गया था, लेकिन तत्कालीन परिस्थितियों और ऐतिहासिक कारणों का हवाला देते हुए भरतपुर और धौलपुर के जाटों को इस सूची से बाहर रखा गया था।
यही कारण है कि इन जिलों के जाट युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरियों और केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता, जबकि राजस्थान के अन्य जिलों के जाट समुदाय को यह सुविधा प्राप्त है। इस विसंगति को दूर करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।
रैली में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अनुसार, नुमाइश मैदान में रैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम सोमवार सुबह 11:15 बजे से शुरू होगा। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए विशाल पंडाल, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
संघर्ष समिति का दावा है कि रैली में भरतपुर, धौलपुर और डीग सहित पूर्वी राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों लोग भाग लेंगे। आयोजकों का उद्देश्य केंद्र सरकार तक अपनी मांग को मजबूती से पहुंचाना है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रैली को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। नुमाइश मैदान और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है।
एक मंच पर दिख सकते हैं कई नेता
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हनुमान बेनीवाल की मौजूदगी से रैली को राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर मजबूती मिलेगी। रैली में कई किसान नेता, खाप पंचायतों के प्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
अब सभी की नजरें भरतपुर की इस हुंकार रैली पर टिकी हैं, जहां आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज अपनी एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन करेगा।