राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को आबूराज में आयोजित आबूपर्वत विकास समिति की बैठक में क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आबूराज की पर्यटन, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय विशेषताओं के अनुरूप विकास का व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आबूराज में शहरी विकास, सड़क, पार्किंग और आवागमन की विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि यहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए संभागीय आयुक्त और मुख्य सचिव को विशेष जिम्मेदारी सौंपी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने नक्की झील के सौंदर्यकरण, प्रकाश व्यवस्था, रंग-रोगन, सीढ़ियों की मरम्मत और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आबूराज ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रही है, इसलिए धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां स्थित मंदिरों का सूचीकरण कर उनके विकास की कार्ययोजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने आबूराज को क्लीन एवं ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए स्वच्छता, अतिक्रमण हटाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण सामग्री के आवागमन और टोकन व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 'विकास भी, विरासत भी' के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। विवेकानंद पार्क, गुरु शिखर, अर्बुदा माता मंदिर, दत्तात्रेय मंदिर, भारत माता नमन स्थल और ईवी व्हीकल आधारित परिवहन व्यवस्था सहित 100 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि आबूपर्वत विकास समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे और आबूराज को विश्वस्तरीय पर्यटन एवं आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

बैठक में पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, सांसद लुंबाराम चौधरी, विधायक समाराम सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।