हर पिता का सपना होता है कि वह अपनी बेटी को अपने हाथों से विदा करे, लेकिन किस्मत ने लालबाबू महतो के साथ ऐसा दर्दनाक खेल खेला कि उनकी अंतिम इच्छा तो पूरी हो गई, मगर उसी पल उनकी जीवन यात्रा भी समाप्त हो गई। अस्पताल के बिस्तर पर भर्ती लालबाबू महतो ने वीडियो कॉल के जरिए अपनी बेटी निधि कुमारी की शादी और विदाई देखी। विदाई के कुछ ही देर बाद उन्होंने अंतिम सांस ले ली।

शादी से तीन दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के अनुसार, सोनबरसा बस स्टैंड क्षेत्र निवासी लालबाबू महतो लंबे समय तक तुलसी बस में कंडक्टर के रूप में कार्यरत रहे। उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से परिवार का पालन-पोषण किया। उनकी सबसे छोटी बेटी निधि कुमारी की शादी सीतामढ़ी जिले के मोहनपुर निवासी युवक के साथ तय थी।

शादी से तीन दिन पहले अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनकी पत्नी मीनू देवी और पुत्र राजेश उनके साथ मौजूद थे।

अस्पताल से देखीं शादी की सभी रस्में

स्वास्थ्य कारणों से शादी में शामिल नहीं हो पाने का मलाल लालबाबू महतो को था। ऐसे में परिवार ने वीडियो कॉल के जरिए उन्हें शादी की हर अहम रस्म दिखाई। उन्होंने अस्पताल से हल्दी, वरमाला, फेरे और बेटी की विदाई तक का हर पल देखा।

बेटी की विदाई के दौरान पिता की आंखें नम हो गईं और उन्होंने भावुक होकर अपनी लाडली को नए जीवन के लिए आशीर्वाद दिया।

डोली उठी और पिता ने ली अंतिम सांस

बताया जाता है कि बेटी की विदाई के कुछ ही देर बाद लालबाबू महतो ने अस्पताल में अंतिम सांस ली। एक तरफ बेटी अपने नए जीवन की शुरुआत के लिए ससुराल रवाना हो रही थी, तो दूसरी ओर पिता इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह रहे थे।

इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी मीनू देवी और बेटे राजेश ने एक ही दिन में बेटी की विदाई और परिवार के मुखिया को खोने का दर्द झेला।

भरा-पूरा परिवार छोड़ गए लालबाबू महतो

लालबाबू महतो अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र और दो पुत्रियों का परिवार छोड़ गए हैं। उनकी यह भावुक कहानी सोशल मीडिया पर भी लोगों को भावुक कर रही है और हर किसी की आंखें नम कर रही है।