गुवाहाटी /शिमला: देश के कई हिस्सों में बारिश अब राहत नहीं, बल्कि आफत बनती जा रही है। पूर्वोत्तर से लेकर हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कहीं बाढ़ ने गांवों को घेर लिया है, तो कहीं भूस्खलन ने सड़कें बंद कर दी हैं। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। हो चुकी है। बाढ़ की वजह से रेलवे ट्रैक, कृषि भूमि और कई सार्वजनिक सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।
असम में चराइदेव जिले में बाढ़ के कारण एक व्यक्ति की मौत के बाद राज्य में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या 21 पहुंच गई है। वहीं ब्रह्मपुत्र, दिखो, देसांग और धनसिरी जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कुछ जगहों पर पानी का स्तर 'अत्यधिक बाढ़' की श्रेणी तक पहुंच चुका है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। उधर हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के बीच हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। बादल फटने की घटना में छह घर बह गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा शिमला के ठियोग, चंबा के सलूणी और कुल्लू के निरमंड में भी सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई है। बारिश और भूस्खलन का असर यातायात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। किन्नौर जिले में दो स्थानों पर भूस्खलन के कारण पुरानी हिंदुस्तान-तिब्बत सड़क (NH-5) को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं जम्मू क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में रविवार से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव दल लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में प्रशासन सतर्क है और लोगों से नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।