थाईलैंड के फुकेत से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-379 में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हवा में अचानक विमान भयानक टर्बुलेंस यानी जोरदार झटकों की चपेट में आ गया। सफर के दौरान सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ने और विमान के जोर-जोर से हिलने के कारण यात्रियों में दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि फ्लाइट अपने तय समय पर फुकेत से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी और सब कुछ बिल्कुल नॉर्मल चल रहा था। लेकिन जैसे ही प्लेन हवा में काफी ऊंचाई पर पहुंचा, अचानक मौसम बदला और विमान में इतनी तेज झटके लगने शुरू हो गए कि ऐसा लगा मानो प्लेन सीधे नीचे की तरफ गिर रहा हो। बिना किसी पूर्व चेतावनी के आए इस भयानक टर्बुलेंस की वजह से सीट बेल्ट न पहने यात्रियों का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। लोग अपनी सीटों से उछलकर ऊपर सीलिंग से जा टकराए, सामान इधर-उधर बिखर गया और पूरी केबिन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस अचानक आई आफत में कई यात्रियों के घायल होने की खबर है, जिन्हें सिर, हाथ और चेहरे पर चोटें आई हैं। क्रू मेंबर्स ने किसी तरह खुद को संभालते हुए यात्रियों को शांत कराने और स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए मुश्किल भरे हालातों के बीच जैसे-तैसे विमान को संभाला और दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई। एयरपोर्ट पर उतरते ही पहले से तैयार मेडिकल टीम ने तुरंत घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार दिया और गंभीर रूप से चोटिल लोगों को नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
फ्लाइट सुरक्षित लैंड तो हो गई और यात्रियों ने राहत की सांस भी ली, लेकिन इस खौफनाक हादसे ने एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था और मौसम संबंधी चेतावनियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पायलट को रास्ते में खराब मौसम या हवा के इस बड़े दबाव का अंदाजा पहले से नहीं था, या फिर आसमान की उस ऊंचाई पर अचानक कोई ऐसा अनहोनी मोड़ आया जिसे भांपना नामुमकिन था? नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) अब इस पूरे मामले की जांच में जुट गया है, लेकिन यात्रियों के दिलों में बैठा वो चंद मिनटों का खौफ अब कब तक दूर होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।