राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में मारे गए कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर के मामले में लगातार नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। कोर्ट ने जगन के छोटे भाई पप्पू गुर्जर को उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दे दी है। पप्पू भी फिलहाल अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है और उसने जेल प्रशासन के माध्यम से अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मांगी थी।
अदालत ने जेल प्रशासन की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए पप्पू गुर्जर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार में शामिल होने की मंजूरी दी। अंतिम संस्कार के दिन उसे पुलिस सुरक्षा में धौलपुर जिले स्थित पैतृक गांव ले जाया जाएगा।
मेडिकल बोर्ड की निगरानी में होगा पोस्टमॉर्टम
सीओ मनीष बडगुर्जर ने बताया कि जगन गुर्जर के परिजन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांगों से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और प्रशासन लगातार परिजनों से बातचीत कर रहा है। उन्होंने बताया कि जगन के शव का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया जाएगा।
हत्या की जांच तेज, जेलकर्मियों के बयान दर्ज
उधर, अजमेर के सिविल लाइन थाना पुलिस ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से बरामद तौलिया जब्त कर लिया गया है। मंगलवार को जेल उपाधीक्षक भंवर सिंह सहित ड्यूटी पर तैनात जेलकर्मियों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना भी किया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
29 जून को हुई थी जगन गुर्जर की हत्या
गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु पर है। दोनों हार्डकोर बंदी एक ही जेल सेल में बंद थे।
जेल प्रशासन के अनुसार, 29 जून की दोपहर करीब तीन बजे रोजाना की तरह सेल खोली गई। विष्णु अन्य बंदियों के साथ बाहर निकल आया, लेकिन जगन बैरक में बेसुध पड़ा मिला। सूचना मिलने पर जेल स्टाफ मौके पर पहुंचा और डॉक्टरों को बुलाया गया, जिन्होंने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को अजमेर के जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्युरी में कड़ी सुरक्षा के बीच रखवाया गया।
बेटे ने लगाए साजिश के आरोप
इस बीच, जगन गुर्जर के बेटे आसाराम गुर्जर ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार ओम सिंह लखावत और सीओ मनीष बडगुर्जर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष और न्यायिक जांच की मांग की है। आसाराम का आरोप है कि यह हत्या केवल एक बंदी द्वारा किया गया अपराध नहीं, बल्कि जेल प्रशासन और अन्य बंदियों की कथित मिलीभगत से रची गई साजिश का नतीजा है।
बता दें कि जगन गुर्जर को 29 मार्च 2026 को धौलपुर जिला जेल से महानिदेशालय कारागार के आदेश पर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में स्थानांतरित किया गया था। अब पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।