जयपुर। जयपुर-अजमेर हाईवे पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भांकरोटा थाना क्षेत्र में रामचन्द्रपुरा पुलिया के पास एक केमिकल से भरा टैंकर अचानक आग के गोले में बदल गया। टैंकर में लगभग 30 हजार लीटर मिथाइल केमिकल लदा हुआ था। आग इतनी भीषण थी कि टैंकर का निचला हिस्सा पूरी तरह जल गया, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और फायर ब्रिगेड की मदद से बड़ा विस्फोट या व्यापक नुकसान होने से बच गया। यह घटना पिछले साल दिसंबर 2024 में हुए 'भांकरोटा अग्निकांड' की याद दिला गई, जहां केमिकल और गैस टैंकरों से जुड़े हादसों में कई लोगों की जान गई थी।

हादसा कैसे हुआ?

पुलिस के अनुसार, हादसा सोमवार सुबह करीब 4:45 बजे जयपुर-अजमेर हाईवे पर रामचन्द्रपुरा पुलिया के ऊपर हुआ। अजमेर से जयपुर की ओर जा रहा मिथाइल केमिकल से भरा टैंकर पुलिया पर चढ़ते समय अचानक टायर के पास से चिंगारियां निकलीं। इन चिंगारियों के कारण टैंकर के निचले हिस्से में आग लग गई और जल्दी ही लपटें भड़क उठीं। चलते हुए टैंकर में आग लगते देख राहगीरों में दहशत फैल गई। ड्राइवर को सूचना मिलते ही उसने तुरंत टैंकर रोक दिया और अपनी जान बचाने के लिए नीचे कूद गया। वह सुरक्षित रहा, लेकिन टैंकर से आग की लपटें तेजी से बढ़ने लगीं।

राहगीरों ने दी सूचना, पुलिस बनी फायर फाइटर

आसपास के लोगों ने तुरंत भांकरोटा थाना पुलिस को सूचना दी। भांकरोटा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बिना देर किए आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी जल्दी पहुंच गईं। पुलिसकर्मियों ने खुद फायर फाइटर की भूमिका निभाई और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया। पुलिस की सूझबूझ और तेज कार्रवाई से टैंकर में विस्फोट होने या आग के आसपास फैलने से रोका गया। अगर आग और फैलती तो हाईवे पर ट्रैफिक और आसपास के इलाकों में बड़ा नुकसान हो सकता था।

पिछले हादसों से सबक

यह घटना जयपुर-अजमेर हाईवे पर पिछले कुछ महीनों में हुए कई हादसों की कड़ी है। दिसंबर 2024 में भांकरोटा में गैस टैंकर और अन्य वाहनों की टक्कर से भीषण आग लगी थी, जिसमें कई लोग मारे गए थे। इसी तरह 2025 में भी केमिकल टैंकरों से जुड़े कुछ हादसे हुए, जिसमें चालक जिंदा जल गए या कई वाहन प्रभावित हुए। इन घटनाओं ने हाईवे पर केमिकल और खतरनाक सामग्री ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।

क्या जांच हो रही है?

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग लगने का मुख्य कारण टायर से निकली चिंगारियां बताई जा रही हैं, लेकिन टैंकर की मेंटेनेंस, केमिकल लोडिंग और सुरक्षा मानकों की जांच भी की जाएगी। फिलहाल हाईवे पर ट्रैफिक बहाल हो गया है, लेकिन ऐसे हादसों से बचाव के लिए सख्त नियमों की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।