जोधपुर शहर में आज एक बार फिर अपराध की बेखौफी सामने आई है। दिनदहाड़े सरेराह फायरिंग कर एक युवक को गोली मारने की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। यह वारदात कमला नेहरू नगर के हुडको क्वार्टर चौराहे पर दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब हुई। फायरिंग से घायल युवक को तुरंत मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

घटना का विवरण पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के अनुसार, घायल युवक की पहचान चांदणा भाखर, शिव कॉलोनी निवासी आकाश राव के रूप में हुई है। बदमाश ने आकाश के पैर में गोली मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग करने वाला आरोपी प्रदीप मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस की क्राइम स्टॉपर्स टीम (सीएसटी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए गए हैं।प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह फायरिंग दोनों पक्षों के बीच पुरानी आपसी रंजिश के कारण हुई। दोनों युवक एक-दूसरे को जानते थे, और किसी पुराने विवाद ने इस घटना को अंजाम दिया।

पुलिस की कार्रवाई वारदात की सूचना मिलते ही प्रताप नगर थाने के थानाधिकारी भवानी सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अलावा, एडीसीपी (वेस्ट) रोशन मीणा ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने इलाके में सीसीटीवी फुटेज खंगाले और गवाहों के बयान दर्ज किए, जिसके आधार पर आरोपी को कुछ ही घंटों में पकड़ लिया गया। पुलिस कमिश्नर ने इस कार्रवाई को सराहनीय बताया और कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।

इलाके की समस्याएं और स्थानीय लोगों की शिकायतें यह चौराहा पहले से ही अपराध और अव्यवस्था का गढ़ बन चुका है। कुछ साल पहले यहां सीसीटीवी कैमरा लगवाने के लिए पोल तो खड़े किए गए थे, लेकिन कैमरे आज तक नहीं लगाए गए। इसी चौराहे पर पहले टैक्सी जलाने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। महिलाओं और लड़कियों से छेड़छाड़ की शिकायतें यहां आम हैं। मुख्य सड़क पर अतिक्रमण के कारण हर समय ट्रैफिक जाम लगा रहता है।आश्चर्य की बात यह है कि इसी चौराहे पर नगर निगम का वार्ड ऑफिस स्थित है, फिर भी अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं होती। प्रताप नगर पुलिस थाने से महज आधा किलोमीटर दूर होने के बावजूद यहां पार्क और खाली जगहों पर बदमाशों का जमावड़ा लगा रहता है। सुबह से शाम तक बदमाश प्रवृत्ति के युवक थड़ियों और चौराहे के आसपास अड्डा जमाए बैठे रहते हैं। रात के समय पार्क में शराब और जुआ जैसी गतिविधियां आम हैं।स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार महिलाओं और बच्चियों से छेड़छाड़ की घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस ने इन अड्डों पर कभी सख्ती नहीं दिखाई। नगर निगम के अधिकारी भी अपनी नाक के नीचे बढ़ते अतिक्रमण को अनदेखा करते रहे। पुलिस और प्रशासन की इस अनदेखी का नतीजा है कि बदमाश इतने बेखौफ हो गए कि दिनदहाड़े सरेआम फायरिंग करने लगे। इससे कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती मिल रही है।निवासियों की मांग है कि इलाके में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं और बदमाशों के अड्डों पर रूप से नकेल कसी जाए। इस घटना के बाद उम्मीद है कि प्रशासन अब गंभीरता से कदम उठाएगा, ताकि आम नागरिक बिना डर के जी सकें।