राजस्थान के जोधपुर जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के लूनी थाना क्षेत्र के सतलाना गांव में एक पोते ने महज 5-6 हजार रुपयों के विवाद में अपनी 85 वर्षीय दादी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, अपने पाप को छिपाने के लिए आरोपी ने गुपचुप तरीके से दादी का अंतिम संस्कार भी शुरू कर दिया, लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस ने पहुँचकर जलती चिता से अधजला शव बाहर निकाला।

क्या है पूरा मामला?

घटना लूनी थाना क्षेत्र के कुम्हारों की ढाणियों की है। यहाँ 85 वर्षीय पेंपीदेवी अपने पोते सुरेश के साथ रहती थीं। मृतका के तीन बेटे हैं, जिनमें से दो अलग रहते हैं और तीसरा बेटा बीमार होने के कारण शहर में रहता है। आरोपी सुरेश मजदूरी करता है और अपनी दादी के साथ ही गांव में रहता था।

गुरुवार सुबह दादी और पोते के बीच मात्र 5-6 हजार रुपयों को लेकर कहासुनी हुई। विवाद इतना बढ़ा कि तैश में आकर सुरेश ने अपनी बुजुर्ग दादी के साथ मारपीट कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

पाप छिपाने के लिए गुपचुप अंतिम संस्कार

दादी की मौत के बाद आरोपी घबरा गया। उसने अपने चाचाओं या अन्य रिश्तेदारों को सूचना देने के बजाय चुपचाप शव को श्मशान घाट ले जाने का फैसला किया। वह अकेले ही शव लेकर श्मशान पहुंचा और मुखाग्नि दे दी। जब मृतका के दूसरे बेटों (आरोपी के चाचाओं) को इस बात की भनक लगी कि उनकी माँ का अंतिम संस्कार बिना उन्हें बताए किया जा रहा है, तो उन्हें शक हुआ।

जलती चिता पर पहुंची पुलिस

परिजन तुरंत श्मशान घाट पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। लूनी थानाधिकारी सुरेश चौधरी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उस समय तक चिता धधक रही थी और शव 90 प्रतिशत तक जल चुका था। पुलिस ने तुरंत आग बुझवाई और अधजले शव को चिता से बाहर निकालकर कब्जे में लिया।

जांच और कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी पोते सुरेश को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में रुपयों के लेनदेन का विवाद सामने आया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में कोई और भी शामिल था। शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड के जरिए अधजले शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिससे मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।