राजस्थान के करौली जिले में 80वें स्वतंत्रता दिवस के जिला स्तरीय मुख्य समारोह के दौरान एक अप्रत्याशित घटना सामने आई। ध्वजारोहण के दौरान तकनीकी खराबी के चलते राष्ट्रीय ध्वज पोल से अलग होकर डोरी सहित नीचे गिर गया। इस घटना के बाद समारोह स्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और दर्शकों के बीच कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी की तत्परता से व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त कर दोबारा ध्वजारोहण कराया गया।

डोरी खींचते ही पोल से टूटकर नीचे गिरा तिरंगा

घटनाक्रम के अनुसार, जिला स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा मंच पर ध्वजारोहण करने पहुंचे। जैसे ही उन्होंने तिरंगा फहराने के लिए डोरी खींची, तिरंगे में बंधी गांठ नहीं खुली।

डोरी पर दबाव पड़ने के कारण तिरंगा पोल से अलग होकर डोरी समेत सीधे नीचे आ गिरा। राष्ट्रीय ध्वज के नीचे गिरते ही मंच पर मौजूद अधिकारियों के होश उड़ गए और पूरे मैदान में सन्नाटा पसर गया।

पुलिसकर्मी ने पोल पर चढ़कर डोरी की दुरुस्त

अचानक हुई इस चूक के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। स्थिति को संभालने के लिए एक पुलिसकर्मी तत्परता दिखाते हुए ऊंचे पोल पर चढ़ा। जवान ने ऊपर पहुंचकर डोरी को सुलझाया और उसे सही तरीके से व्यवस्थित किया।

नीचे मंच पर मौजूद अधिकारियों ने तिरंगे की गांठ को ठीक किया और पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से तैयार किया गया। इसके बाद निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत दोबारा विधिवत ध्वजारोहण किया गया और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

कुछ देर रही अफरा-तफरी, फिर सामान्य हुआ कार्यक्रम

इस तकनीकी चूक के कारण समारोह में कुछ मिनटों के लिए असमंजस और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की त्वरित सूझबूझ से मामले को संभाल लिया गया, जिसके बाद परेड की सलामी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला निर्बाध रूप से जारी रहा।