राजस्थान में हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। सबसे बड़ा उलटफेर पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज बीजेपी नेता वसुंधरा राजे के अभेद्य किले 'झालावाड़' में देखने को मिला है। जिले के आठ स्थानीय निकायों के जो चुनाव परिणाम सामने आए हैं, उसमें कांग्रेस (Congress) ने जबरदस्त वापसी करते हुए भाजपा को बैकफुट पर धकेल दिया है।

आठ में से अधिकांश निकायों में कांग्रेस अपना बोर्ड बनाने जा रही है, जबकि बीजेपी को अपनी साख बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा है। आइए विस्तार से जानते हैं झालावाड़ जिले के सभी आठ निकायों का हाल:

कांग्रेस का शानदार प्रदर्शन

जिले की सबसे हॉट सीट मानी जाने वाली झालावाड़ नगर परिषद पर अब कांग्रेस का कब्जा तय हो गया है। बीजेपी के इस मजबूत गढ़ में कांग्रेस ने 45 में से 29 वार्डों पर जीत का परचम लहराया है। वहीं, भाजपा दहाई का आंकड़ा तो पार कर गई, लेकिन 13 सीटों पर ही सिमट कर रह गई। इस चुनाव में 2 निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) भी एक सीट निकालकर अपना खाता खोलने में कामयाब रही है। कांग्रेस को यहां पूर्ण बहुमत मिला है।

खानपुर, भवानीमंडी और डग में चला 'हाथ' का जादू

झालावाड़ शहर के अलावा अन्य कस्बों में भी कांग्रेस ने अपनी लहर बरकरार रखी है:

  • भवानीमंडी: यहां कांग्रेस ने एकतरफा जीत हासिल की है। पार्टी के खाते में 26 सीटें गई हैं, जबकि बीजेपी को केवल 13 सीटों से संतोष करना पड़ा है। एक सीट निर्दलीय के नाम रही।

  • खानपुर: खानपुर निकाय में भी कांग्रेस ने 18 शानदार जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है। बीजेपी यहां मात्र 7 वार्डों में ही जीत सकी।

  • डग: इस इलाके में भी कांग्रेस ने 14 सीटों पर कब्जा जमाकर खुद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित किया है। बीजेपी 6 सीटों पर ही जीत सकी, जबकि कुछ अन्य सीटों पर निर्दलीयों ने अपना प्रभाव दिखाया है।

झालरापाटन, अकलेरा और मनोहरथाना में बची BJP की साख

हालांकि कांग्रेस ने पूरे जिले में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन कुछ निकायों में भाजपा अपनी सत्ता बचाने में कामयाब रही है:

  • झालरापाटन: इस अहम क्षेत्र में बीजेपी का दबदबा कायम है। यहां 22 सीटों पर कमल खिला है, जबकि कांग्रेस को 8 और आम आदमी पार्टी को 5 सीटें मिली हैं।

  • अकलेरा: यहां भी भाजपा ने कांग्रेस को काफी पीछे छोड़ दिया है। बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 25 सीटें जीतीं। कांग्रेस 8 सीटों पर और निर्दलीय 2 सीटों पर विजयी रहे।

  • मनोहरथाना: इस निकाय में भी बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। यहां भाजपा को 11 और कांग्रेस को 6 सीटें मिली हैं। 3 सीटों पर निर्दलीयों ने कब्जा जमाया है।

किंगमेकर बनेंगे निर्दलीय और 'आप'

पिड़ावा निकाय के नतीजे सबसे ज्यादा दिलचस्प रहे हैं। यहां की 20 सीटों में से किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है (बहुमत का आंकड़ा 11 है)। कांग्रेस 8 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी जरूर बनी है, लेकिन बीजेपी 6 सीटों के साथ कड़ी टक्कर दे रही है। सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन आम आदमी पार्टी का रहा है, जिसने 5 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि एक सीट निर्दलीय के खाते में गई है। अब यहां बोर्ड किसका बनेगा, यह पूरी तरह से जोड़तोड़ और गठबंधनों पर निर्भर करेगा।

कुल मिलाकर झालावाड़ जिले के निकाय चुनावों ने राजस्थान की सियासत में एक नया संदेश दिया है। वसुंधरा राजे के गृह क्षेत्र में कांग्रेस की यह भारी जीत आने वाले समय में राज्य की राजनीति के नए समीकरण तय कर सकती है।