राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के तहत हुए ऐतिहासिक मतदान के बाद आज नतीजों का दिन है। राज्य के 309 शहरी निकायों की नई सरकार चुनने के लिए 14 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती शुरू हो गई है।

प्रदेश के 10,167 वार्डों के लिए 38,889 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में हुए इन चुनावों में कुल 74.05 प्रतिशत बंपर वोटिंग दर्ज की गई थी। आज आने वाले नतीजे 21 सितंबर को होने वाले मेयर और चेयरमैन चुनावों की दिशा तय करेंगे।

सबसे पहले गिने जा रहे हैं डाक मतपत्र

मतगणना केंद्रों पर सुबह 8 बजे से ही सबसे पहले सर्विस वोटर्स और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की गिनती शुरू की गई। इसके लिए हर सेंटर पर 2 से 4 विशेष टेबल लगाई गई हैं। डाक मतपत्रों की गिनती के बाद भारी सुरक्षा और वीडियोग्राफी के बीच स्ट्रांग रूम खोले गए और ईवीएम (EVM) मशीनों के कंट्रोल यूनिट्स से वोटो की गिनती का दौर शुरू हो चुका है। जयपुर स्थित राज्य निर्वाचन आयोग के वॉर रूम से सभी जिलों के रिटर्निंग अधिकारियों से सीधा संपर्क साधा गया है ताकि हर राउंड का रिजल्ट तुरंत पोर्टल पर अपडेट हो सके।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, परिंदा भी नहीं मार सकता पर

पूरे प्रदेश में मतगणना केंद्रों को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है:

  • त्रिस्तरीय सुरक्षा: तड़के 5 बजे से ही पुलिस और आरएसी (RAC) की टुकड़ियों ने केंद्रों को अपने घेरे में ले लिया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान भी मोर्चे पर तैनात हैं।

  • सघन जांच: बिना अधिकृत पास के किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक एजेंट को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर से हर व्यक्ति की चेकिंग की जा रही है।

  • प्रमुख केंद्र: जयपुर के भवानी निकेतन कॉलेज (15 हॉल, 150 टेबल), जोधपुर के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, उदयपुर के आर्ट्स कॉलेज और कोटा के जेडीबी कॉलेज सहित सभी प्रमुख स्थानों पर काउंटिंग सुचारू रूप से जारी है।

77 सीटों पर पहले ही हो चुका है फैसला

आज के नतीजों से पहले ही 77 वार्डों की तस्वीर साफ हो चुकी है, जहां प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 44 सीटों पर, कांग्रेस ने 16 सीटों पर और निर्दलीयों ने 17 सीटों पर बिना कोई चुनाव लड़े जीत दर्ज कर ली है।

रिसॉर्ट्स में कैद हुए प्रत्याशी

21 सितंबर को होने वाले मेयर, सभापति और पालिका अध्यक्ष के चुनावों में क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) के डर से भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही 'बाड़ेबंदी' शुरू कर दी है। जयपुर, अजमेर और पुष्कर के लग्जरी रिसॉर्ट्स में दोनों पार्टियों ने अपने-अपने संभावित विजेताओं को ठहराया हुआ है।

पार्टी के बड़े रणनीतिकार सुबह की चाय के साथ ही रिसॉर्ट्स में एक्टिव हो गए हैं और पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। त्रिशंकु परिणाम की स्थिति से निपटने के लिए दोनों ही दलों के नेताओं ने मजबूत निर्दलीय प्रत्याशियों से अभी से फोन पर संपर्क साधना शुरू कर दिया है। मतगणना के बाद जीतने वाले उम्मीदवारों को सीधे रिसॉर्ट्स में ले जाने के लिए बाहर गाड़ियों का काफिला तैयार खड़ा है।

बड़े शहरों पर टिकी है सबकी निगाहें

राज्य के 10 बड़े नगर निगमों (जिसमें जयपुर, जोधपुर और कोटा शामिल हैं) के परिणामों पर पूरे प्रदेश की नजर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन बड़े शहरों का जनादेश ही राज्य की भावी राजनीति का असल रुझान सेट करेगा। कस्बों और छोटे शहरों में भी सुबह 7 बजे से ही चाय की थड़ियों पर चुनावी चर्चाओं और हार-जीत के गुणा-भाग का दौर गर्म है।