राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 के परिणाम स्पष्ट हो चुके हैं। इस बार के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में कई बड़े उलटफेर किए हैं। एक तरफ जहां बाड़मेर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 15 साल के लंबे सूखे को खत्म करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, वहीं कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर में निर्दलीय उम्मीदवारों ने दोनों प्रमुख दलों के पसीने छुड़ा दिए हैं।
बाड़मेर: 15 वर्षों का वनवास खत्म, भाजपा का बनेगा बोर्ड
बाड़मेर नगर परिषद के सभी 55 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। यहां की जनता ने भाजपा पर स्पष्ट भरोसा जताया है। नतीजों के अनुसार:
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भाजपा: 29 सीटें
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कांग्रेस: 21 सीटें
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निर्दलीय: 5 सीटें
पूर्ण बहुमत मिलने के बाद बाड़मेर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अहिंसा सर्किल पर जोरदार जश्न मनाया। भाजपा निकाय चुनाव संयोजक एडवोकेट सवाई माहेश्वरी ने जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि पार्टी आलाकमान ही अब सभापति के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा।
भ्रष्टाचार की जांच और अतिक्रमण मुक्त बाड़मेर का वादा
भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश सिंह इन्दा ने जनता का आभार जताते हुए कहा कि नया बोर्ड बनते ही सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित घोटालों की जांच कराकर दोषियों को जेल भेजने का दावा भी किया।
बाड़मेर के प्रमुख उलटफेर और वीआईपी वार्डों का हाल
भले ही बाड़मेर में भाजपा को बहुमत मिला है, लेकिन पार्टी के कई दिग्गज नेताओं और मौजूदा विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी के वार्ड में उनके समर्थित प्रत्याशियों को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है।
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दिग्गजों की हार: वार्ड 19 से पूर्व सभापति और कांग्रेस प्रत्याशी दिलीप माली को भाजपा के दमाराम माली ने कड़ी टक्कर देकर चुनाव हरा दिया है।
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बागियों का जलवा: कांग्रेस बोर्ड में उपसभापति रहे सुरतान सिंह (पूर्व विधायक मेवाराम जैन के करीबी) का टिकट कटने पर उन्होंने वार्ड 1 से निर्दलीय ताल ठोकी और लगातार 5वीं बार जीत दर्ज कर अपना दबदबा साबित किया।
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कांग्रेस को यहां मिली राहत: कांग्रेस प्रवक्ता महावीर बोहरा की पत्नी ने वार्ड 12 से चतुष्कोणीय मुकाबले में शानदार जीत दर्ज कर सीट कांग्रेस के खाते में बरकरार रखी।
बानसूर नगर पालिका: निर्दलीयों के हाथ में सत्ता की चाबी
कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बानसूर नगर पालिका के 35 वार्डों के नतीजों ने सबको चौंका दिया है। यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों बहुमत से दूर रह गए और निर्दलीयों ने सबसे बड़ी जीत हासिल की है।
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निर्दलीय: 17 सीटें
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कांग्रेस: 12 सीटें
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भाजपा: 6 सीटें
नगर पालिका में बोर्ड बनाने के लिए 18 पार्षदों का समर्थन अनिवार्य है। 17 सीटों के साथ निर्दलीय अब 'किंगमेकर' की भूमिका में आ गए हैं।
विधायक के करीबियों को जनता ने नकारा
बानसूर में कई हाई-प्रोफाइल सीटें चर्चा का विषय रहीं:
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वार्ड 7: भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व अध्यक्ष पति सजन मिश्रा को निर्दलीय प्रत्याशी संदीप कुमार जाट ने हरा दिया।
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विधायक समर्थकों की हार: वर्तमान विधायक देवी सिंह के करीबी और भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. शशिकांत बोहरा के बेटे प्रवेश बोहरा को कांग्रेस के मुकेश सैनी ने शिकस्त दी।
पूर्व मंत्री का विधायक पर तंज
बानसूर के नतीजों पर पूर्व मंत्री डॉ. रोहिताश शर्मा ने स्थानीय विधायक देवी सिंह पर तीखा हमला बोला। शर्मा ने कहा कि जनता ने विधायक के करीबियों को हराकर अपना स्पष्ट संदेश दे दिया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नगर पालिका का अगला अध्यक्ष एक ईमानदार व्यक्ति होना चाहिए और जनता ने योग्य लोगों को ही इस बार चुना है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि बानसूर में निर्दलीय पार्षद किस खेमे में जाते हैं और बाड़मेर में भाजपा अपना सभापति किसे चुनती है।