जयपुर: राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने आज (11 फरवरी 2026) सुबह 11 बजे राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बजट पेश करने से पहले विधानसभा पहुंचते हुए दीया कुमारी ने इसे "समावेशी बजट" और "आम जन के विकास का बजट" करार दिया। उन्होंने कहा, "यह बजट विकसित राजस्थान के लिए, राजस्थान के संपूर्ण विकास के लिए और राजस्थान की जनता के लिए है। यह बहुत अच्छा बजट होगा, जिसमें बहुत सारी नई चीजों की घोषणाएं की जाएंगी। आप कुछ देर में ही देखेंगे, प्रदेश का बजट बहुत शानदार होगा।"

दीया कुमारी ने बजट को "विकसित राजस्थान @2047" की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जिसमें समाज के सभी वर्गों—युवा, किसान, महिलाएं, स्वास्थ्य क्षेत्र, पर्यटन और पशुपालन—को ध्यान में रखा गया है। यह भजनलाल शर्मा सरकार का तीसरा पूर्ण बजट है, जिसकी तैयारियां पिछले दिनों अंतिम चरण में पूरी की गईं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रमुख उम्मीदें और संभावित घोषणाएं

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। राजस्थान के सबसे बड़े बाल अस्पताल जेके लोन अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण पार्किंग और भवन की समस्या गंभीर है। ऐसे में अन्य राजधानी अस्पतालों की तर्ज पर यहां IPD (इन-डोर पेशेंट डिपार्टमेंट) की घोषणा की संभावना है।

इसके अलावा:RUHS (राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज) के बेहतर संचालन के लिए इंसेंटिव और सुधार।प्रदेशभर में ट्रॉमा सेंटर को मजबूत करने की बड़ी घोषणा।चिकित्सा संवर्ग में बंपर भर्तियां, जो बेरोजगार युवाओं के लिए राहत लेकर आएंगी।आयुष्मान आरोग्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन और आयुष्मान मेडिकल टावर के संचालन पर फोकस।एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों की सेवाओं में विस्तार।

पर्यटन निगम को नई जान फूंकने की उम्मीद

पर्यटन निगम लंबे समय से चुनौतियों का सामना कर रहा है। निजी होटलों से प्रतिस्पर्धा, बंद इकाइयों की समस्या और नई भर्तियों की मांग प्रमुख हैं। दीया कुमारी की दादी गायत्री देवी पर्यटन निगम की पहली चेयरपर्सन रही हैं, इसलिए निगम उनसे विशेष उम्मीद लगाए बैठा है। बजट में पर्यटन निगम को मजबूत करने के लिए:निजी होटलों से प्रतिस्पर्धा में लाने की योजनाएं।नई भर्तियां और नई इकाइयों की शुरुआत।बीमार/बंद इकाइयों के उचित निस्तारण का रोडमैप।

गौशालाओं और मत्स्य पालन को बड़ी सौगात की संभावना

भजनलाल सरकार के इस बजट में गौशालाओं को विशेष राहत पैकेज मिल सकता है, जो पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होगा।मत्स्य पालन क्षेत्र में भी बड़े ऐलान की उम्मीद है:खारे पानी वाले जिलों (चूरू, बीकानेर, हनुमानगढ़, नागौर, श्रीगंगानगर) में 24 घंटे बिजली उपलब्धता।झींगा पालन को बढ़ावा, जहां पिछले वर्षों में 200 हेक्टेयर से अधिक निजी भूमि पर काम हो चुका है।चूरू को झींगा क्लस्टर घोषित करने के बाद निर्यातान्मुखी उत्पादन पर फोकस।तालाब निर्माण, आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज और आहार की उपलब्धता पर विशेष ध्यान।मत्स्य राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के किसानों से संवाद के बाद ये पहलें मजबूत हो सकती हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी, रोजगार सृजन होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचेगा।