राजस्थान सरकार ने शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 7 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए हैं। अलग-अलग आदेशों के माध्यम से जारी इस तबादला अभियान में सबसे अधिक ग्रेड सेकेंड शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। इसके अलावा बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर (BCI), पीटीआई, लाइब्रेरियन, सीनियर लैब असिस्टेंट और जिला शिक्षा अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
मंगलवार देर रात जारी आदेशों में करीब 5 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादले किए गए। इसके बाद बुधवार को विभाग ने बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टरों की अलग सूची जारी की। वहीं दोपहर में 138 जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) के स्थानांतरण आदेश भी जारी किए गए। इसके साथ ही 2153 ग्रेड सेकेंड शिक्षकों की सूची जारी कर उन्हें एक संभाग से दूसरे संभाग में पदस्थापित किया गया।
पहली बार संभाग बदले गए बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर
इस बार तबादला प्रक्रिया की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टरों का एक संभाग से दूसरे संभाग में स्थानांतरण किया गया। विभाग ने 437 बीसीआई के इंटर-डिवीजन ट्रांसफर किए हैं। नियुक्ति के समय अलग-अलग जिलों में तैनात इन कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टरों को पहली बार अपने गृह जिले या उसके नजदीकी क्षेत्र में जाने का अवसर मिला है। जिला स्तर पर भी इनके तबादलों की अलग सूची जारी की गई है।
प्रोबेशन और ट्राइबल एरिया से जुड़े मामलों पर फिलहाल रोक
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों या कर्मचारियों का नाम तबादला सूची में शामिल है, लेकिन वे अभी प्रोबेशन अवधि में हैं, उन्हें फिलहाल नई जगह जॉइन नहीं कराया जाएगा। इसके अलावा ट्राइबल एरिया से नॉन-ट्राइबल एरिया या नॉन-ट्राइबल एरिया से ट्राइबल एरिया में किए गए स्थानांतरण भी फिलहाल प्रभावी नहीं होंगे। ऐसे मामलों में आगे अलग से निर्णय लिया जाएगा।
10 दिन में जॉइनिंग के निर्देश
विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेश जारी होने के 10 दिन के भीतर नई जगह कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी या सेवा समाप्त हो चुके कर्मचारी का नाम गलती से तबादला सूची में शामिल हो गया है, तो ऐसे आदेश स्वतः निरस्त माने जाएंगे और उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
जयपुर संभाग के कर्मचारियों की संख्या सबसे अधिक
तबादला सूची में सबसे अधिक कर्मचारी जयपुर संभाग से जुड़े बताए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि यह स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकता, रिक्त पदों की पूर्ति और कर्मचारियों की लंबित मांगों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। बड़े स्तर पर हुए इन तबादलों से प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की नई तैनाती का रास्ता साफ होगा।