राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राज्य के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष (HOD) और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. नंदलाल डिसानिया (58) ने बुधवार सुबह अपने घर में कथित रूप से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना झोटवाड़ा थाना क्षेत्र स्थित अग्रसेन नगर की है। सूचना मिलते ही पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया।
घर में अकेले थे डॉक्टर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 6 बजे डॉ. डिसानिया का बेटा अविनाश अपनी बहन को एयरपोर्ट छोड़ने गया था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य एक शादी समारोह में गए हुए थे। इस दौरान डॉ. डिसानिया घर पर अकेले थे।
कुछ समय बाद जब बेटा वापस लौटा तो उसने पिता को कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। परिजन तुरंत उन्हें नीचे उतारकर खातीपुरा स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमॉर्टम के लिए SMS अस्पताल लाया गया शव
निजी अस्पताल से शव को SMS अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया, जहां से पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्यूरी भेजा गया। घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी और कई वरिष्ठ चिकित्सक अस्पताल पहुंच गए।
डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. ज्ञान प्रकाश गौड़ और डॉ. श्वेता गोयल की मेडिकल बोर्ड टीम पोस्टमॉर्टम कर रही है। सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर के हाथ और पीठ पर कुछ निशान भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
सुबह बेटी से हुई थी बातचीत
डॉ. डिसानिया के पारिवारिक मित्र माधव सिंह ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे उनकी बेटी ने उनसे फोन पर बात की थी। बेटी को SMS अस्पताल में कुछ जांच करवानी थी, जिस पर डॉ. डिसानिया ने सुबह 9 बजे अस्पताल में मिलने की बात कही थी। लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनके आत्महत्या करने की खबर सामने आ गई।
मानसिक तनाव की आशंका
सूत्रों और परिवार के करीबियों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले परिवार के एक सदस्य पर आर्थिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। माना जा रहा है कि कानूनी कार्रवाई और सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर डॉ. डिसानिया लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। हालांकि, आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है और परिवार भी इस संबंध में कुछ कहने से बच रहा है।
30 वर्षों तक दी सेवाएं
डॉ. नंदलाल डिसानिया पिछले करीब 30 वर्षों से SMS मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे थे। फोरेंसिक मेडिसिन के क्षेत्र में उनका नाम वरिष्ठ विशेषज्ञों में लिया जाता था। उनके परिवार में एक बेटा है, जो मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, और दो बेटियां हैं। उनके दामाद डॉ. सुरेश चौधरी भी SMS अस्पताल में न्यूरोसर्जन के पद पर कार्यरत हैं।
पुलिस जांच जारी
झोटवाड़ा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।