कोटा के जेके लोन अस्पताल में डिलीवरी के बाद गंभीर रूप से बीमार हुई मध्य प्रदेश की शबाना की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। महिला को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने सोमवार से उसका डायलिसिस शुरू कर दिया है।
शबाना के पति अनीस अहमद ने बताया कि उनकी पत्नी को अचानक तेज ब्लीडिंग होने लगी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जेके लोन अस्पताल लाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि गर्भ में खून का थक्का जमने के कारण नवजात की धड़कनें बेहद कमजोर हो गई थीं। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए शबाना की जान बचाने की कोशिश की, लेकिन नवजात को नहीं बचाया जा सका। ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति लगातार गंभीर बनी रही, जिसके चलते उसे मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया गया।
अनीस अहमद के अनुसार, फिलहाल शबाना की हालत में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह से डॉक्टरों ने महिला का डायलिसिस शुरू कर दिया है। किडनी ने काम करना बंद कर दिया है और यूरिन आउटपुट भी पूरी तरह रुक गया है। हालांकि शबाना होश में है, लेकिन उसकी स्थिति अभी भी खतरे से बाहर नहीं मानी जा रही।
डॉक्टरों के मुताबिक, शबाना थ्रोम्बोटिक माइक्रोएंजियोपैथी नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित है। यह बीमारी प्रसव के दौरान प्लेसेंटा से जुड़ी जटिलताओं के कारण हो सकती है और इसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है।
चिकित्सकों ने बताया कि इसी बीमारी के कारण शबाना के शरीर में हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स का स्तर तेजी से गिर गया। इसके बाद किडनी ने काम करना बंद कर दिया, जिससे यूरिन बनना भी रुक गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टरों ने डायलिसिस शुरू किया है और लगातार उसकी निगरानी की जा रही है।
फिलहाल शबाना को आईसीयू में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। अस्पताल की विशेषज्ञ टीम उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है। परिजन भी महिला के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद में अस्पताल में मौजूद हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन शबाना के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।